
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए छह चरण का मतदान पूरा हो चुका है। आखिरी चरण की आखिरी लड़ाई के लिए भी अब थोड़ा ही समय बचा हुआ है। 23 मई को अपना परचम लहराने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है। अब इसी क्रम में दावा किया जा रहा है कि परिणाम आने से पहले संयुक्त विपक्ष अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकता है। ऐसी संभावना कांग्रेस नेता और राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद के बयान के आधार पर जताई जा रही है। इसके साथ ही आजाद ने एक और बड़ा बयान दिया है कि अगर चुनाव परिणाम आने के बाद नीतीश कुमार जैसे कुछ नेता साथ दें तो केंद्र में गैर बीजेपी सरकार बनाई जा सकती है।
प्रधानमंत्री का पद न मिलना नहीं होगा पार्टी का मुद्दा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर गठबंधन में प्रधानमंत्री का पद कांग्रेस को नहीं भी मिला तो पार्टी इसे मुद्दा नहीं बनाएगी। बुधवार को बिहार की राजधानी पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आजाद ने कहा, 'लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने से पहले शीर्ष पद के दावेदारी पर आम सहमति का स्वागत किया जाएगा। हालांकि, प्रधानमंत्री की कुर्सी न मिलने पर भी पार्टी इसे मुद्दा नहीं बनाएगी।' बता दें कि इससे पहले भी कई बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पीएम पद के लिए इनकार करते नजर आए हैं। वहीं, एमके स्टालिन, तेजस्वी यादव और अरविंद केजरीवाल से जैसे नेता उनको समर्थन देने के लिए तैयार हैं।
नीतीश कुमार का साथ हो तो बन सकती है गैर-बीजेपी सरकार
पत्रकारों से बात करते हुए गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा कि सीएम नीतीश कुमार अगर साथ दें तो गैर-बीजेपी सरकार बनाई जा सकती है। आजाद का दावा है कि नीतीश कुमार जरूर किसी मजबूरी के कारण NDA में गए। आजाद ने कहा, 'नीतीश कुमार जैसे और नेता भी हैं, जिनकी विचारधारा BJP से नहीं मिलती है। ये सभी सत्ता पाने या फिर किसी मजबूरी के कारण बीजेपी के साथ हैं। अगर दूसरी पार्टियां भी ऐसे नेताओं की इन जरूरतों को पूरा करती है तो ऐसे लोगों को स्थान बदलने में दिक्कत नहीं आएगी।'
Updated on:
16 May 2019 01:33 pm
Published on:
16 May 2019 12:40 pm
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