कर्नाटक: भाजपा की सक्रियता से जेडीएस-कांग्रेस में खलबली, 120 कमरों वाला रिजॉर्ट बुक

चुनाव परिणाम आने के बाद कर्नाटक में सरकार गठन को लेकर भाजपा और जेडीएस-कांग्रेस के बीच हॉर्स ट्रेडिंग का शुरू।

By: Dhirendra

Published: 16 May 2018, 12:18 PM IST

नई दिल्‍ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक उठापटक जारी है। कांग्रेस ने मंगलवार को मतगणना का रुझान आने के कुछ देर बाद ही भाजपा के चाणक्‍य अमित शाह को उन्‍हीं के तरीके से गच्‍चा देने की योजना पर काम शुरू कर दिया था। इस मामले में जब तक शाह जेडीएस से डील कर पाते तब तक कांग्रेस जेडीएस के नेता कुमार स्‍वामी को सीएम पद का ऑफर देकर डील को सील कर चुकी थी। इस झटके बाद शाह जागे और उन्‍होंने साफ कर दिया है कि प्रदेश में सरकार भाजपा की बनेगी। उसके बाद से भाजपा की सक्रियता को देखकर जेडीएस और कांग्रेस दोनों में खलबली की स्थिति है। विधायकों को भाजपा के पाले में जाने से बचाने के लिए दोनों ही पार्टियां सुरक्षित ठिकाने ढूंढने लगे थे।

भाजपा के डर से रिजॉर्ट कराया बुक
जानकारी के मुताबिक विधायकों की खरीद फरोख्‍त को देखते हुए जेडीएस और कांग्रेस ने सुरक्षित स्‍थान की तलाश शुरू कर दी थी। खबरें तो यहां तक आने लगी कि दोनों पार्टियां के वरिष्‍ठ नेताओं का सरकार गठन तक के लिए अपने-अपने विधायकों को श्रीलंका या फिर किसी अन्‍य देश भेजने की योजना है। लेकिन अब खबर ये आ रही है कि कांग्रेस ने 120 विधायकों को ठहराने के लिए 120 कमरों वाला एक रिजॉर्ट बुक करा लिया है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने इग्लटन रिसॉर्ट में अपने विधायकों के लिए कमरे बुक करवाए हैं। बताया जा रहा है कि 120 कमरे बुक कराए गए हैं। हालांकि इस रिजॉर्ट के बारे में अभी तक खुलासा नहीं किया है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह कदम भाजपा के विधायकों को तोड़ने के कुत्सित प्रयासों के मद्देनजर उठाया गया है।

विधायकों को तोड़ना नामुमकिन
जेडीएस के विधायक श्रवण का कहना है कि करीब हमारे चार से पांच विधायकों से भाजपा नेताओं ने संपर्क किया है। लेकिन हम सब एक हैं। 80 फीसदी विधायक बैठक में आ गए हैं। जेडीएस के करीब 12 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। ये सभी विधायक कांग्रेस के साथ गठबंधन से नाराज हैं। कांग्रेस नेता मधुयक्शी गौड़ ने कहा कि हमारे पास मैजिक नंबर है। सभी विधायक हमारे टच में हैं। उन्होंने कहा कि शंकर जो येदियुरप्पा से मिलने गए थे, वो भी वापस आए हैं। हम सभी विधायकों के साइन के साथ गवर्नर से मिलने जाएंगे। उन्होंने कहा कि आनंद सिंह, नागेंद्र भी अब हमारे टच में हैं।

जोड़-तोड़ जारी
आपको बता दें कि इस बार कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे चौकाने वाले आए हैं। प्रदेश की जनता ने किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है लेकिन उसके पास बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा नहीं है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि प्रदेश में सरकार किसकी बनेगी। सरकार बनाने को लेकर भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस में लगातार मोर्चेबंदी कर रही हैं। भाजपा का दावा है कि उसके संपर्क में जेडीएस-कांग्रेस के विधायक हैं, तो वहीं कांग्रेस अपने विधायकों को रिजॉर्ट में ले जा सकती है। दूसरी तरफ बेंगलूरू में बुधवार को बैठकों का दौर भी जारी है, कांग्रेस-जेडीएस-भाजपा ने अपने विधायकों के साथ बैठक करने में लगे हुए हैं।

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