
शादी कराने वाले संस्थान भी माने जांएंगे दोषी।
नई दिल्ली। लव जिहाद को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट ने इससे संबंधित विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। धर्म स्वतांत्र्य विधेयक 2020 नाम से तैयार इस विधेयक को विधानसभा सत्र के दौरान पेश किया जाएगा।
इस विधेयक में जबरन विवाह किए जाने वाले शादी को रोकने का प्रावधान है। जबरन धर्म परिवर्तन और शादी कराने वाले संस्थान और व्यक्ति दोनों दोषी माने भी माने जाएंगे। लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के मामले की सुनवाई विशेष कोर्ट में होगी। धर्म परिवर्तन के बाद शादी कराने पर विधेयक में 10 साल की सजा और एक लाख रुपए आर्थिक दंड का प्रावधान है। धर्म परिवर्तन की सूचना के बिना विवाह गैर कानूनी माना जाएगा।
बता दें कि देशभर में कई ऐसे मामले सामने आने के बाद लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने के मामले ने जोर पकड़ा है। यूपी में इसको लेकर अध्यादेश जारी है। हरियाणा, असम व कुछ अन्य राज्यों में भी इसको लेकर कानून बनाने की प्रक्रिया जारी है।
Updated on:
26 Dec 2020 11:36 am
Published on:
26 Dec 2020 11:26 am
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