
#MeToo: एमजे अकबर पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर कानून मंत्री भी चुप, बोले- ये आज का विषय नहीं
नई दिल्ली। 'मीटू' अभियान के तहत विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर छह महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस अभियान के भारत में शुरू होने के बाद अकबर ऐसे पहले राजनेता हैं जिसपर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों पर खुद एमजे अकबर या उनके मंत्रालय की ओर से अबतक कोई आधिकरिक सफाई नहीं आई है। बुधवार को कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी मंत्रिपरिषद में अपने सहयोगी पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर टिप्पणी से इनकार कर दिया।
कानून मंत्री ने जवाब देने से किया इनकार
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद से इस संबंध में सवाल पूछा गया। इसके उत्तर में रविशंकर प्रसाद ने सिर्फ इतना ही कहा कि यह प्रश्न आज के मंत्रिमंडल के विषय से संबंधित नहीं है। इसके अलावा गुजरात में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर हो रहे हमलों के बारे में भी उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
सुषमा ने कहा- नो क्वेश्चन
इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी इस मुद्दे पर बोलने से इनकार कर दिया। मंगलवार को वे एक कार्यक्रम शामिल होने पहुंची थीं। सुषमा जब मंच से नीचे उतरने लगीं तो पत्रकारों ने #MeToo अभियान और उनके जूनियर एमजे अकबर को लेकर सवाल पूछा तो विदेश मंत्री बगैर कुछ कहे आगे बढ़ने लगीं। कई बार सवाल पूछने पर स्वराज ने सिर्फ नो क्वेश्चन कहा और चली गईं। वहीं सांसद उदित राज ने मी टू अभियान पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं कथित घटना के 10 साल बाद अपनी कहानियों के साथ क्यों आ रही हैं और उन्होंने इसे एक 'गलत चलन' की शुरुआत करार दिया।
Updated on:
10 Oct 2018, 4:24 PM IST
Published on:
10 Oct 2018, 4:23 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.