
राज्यसभा का सेशन एक दिन बढ़ाने पर मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने नव वर्ष के दूसरे सप्ताह के पहले दिन यानी सोमवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की। इसके बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गया। कोई भी सियासी दल खुलकर सरकार के इस फैसले का विरोध नहीं कर पा रही है। अब विरोध जताने का एक नया तरीका अपनाया है। दरअसल मोदी सरकार आरक्षण के इस बिल को पास कराने के लिए राज्यसभा का सेशन एक दिन के लिए बढ़ा दिया है। जिसके बाद पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है और सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही है। संसद के बाहर विपक्ष एकजूट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें कांग्रेस समेत अन्य दल भी शामिल है।
सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा
आपको बता दें कि सोमवार को मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की। मोदी सरकार की कैबिनेट ने पांच राज्यों में करारी हार के बाद यह बड़ा कदम उठाया है। अब सरकार को आरक्षण की यह व्यवस्था लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के तहत आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता है। लेकिन सरकार के इस फैसले से आरक्षण की सीमा 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इसलिए जरूरी है कि पहले संविधान में संशोधन किया जाए। अब मोदी सरकार इसी को लेकर लोकसभा में मंगलवार को संशोधन बिल पेश किया है और राज्यसभा में पेश करने के लिए एक दिन का सेशन बढ़ा दिया है। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्यसभा का सेशन बढ़ाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श नहीं किया है। अब देखना दिलचस्प है कि विपक्ष सरकार के इस मास्टर स्ट्रोक से कैसे बचती है और इसका तोड़ किया निकालती है।
Published on:
8 Jan 2019, 5:34 PM IST
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