मोदी के वार पर कांग्रेस का पलटवार, हमारी सरकार में NPA बढ़ा तो 2014 के बाद क्या हो रहा?

मोदी के वार पर कांग्रेस का पलटवार, हमारी सरकार में NPA बढ़ा तो 2014 के बाद क्या हो रहा?

Chandra Prakash Chourasia | Publish: Sep, 02 2018 06:31:08 PM (IST) | Updated: Sep, 02 2018 07:21:14 PM (IST) राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनपीए को यूपीए सरकार का सबसे बड़ा घोटाला बताया तो पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने एनडीए सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं।

नई दिेल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूपीए सरकार में एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्ति यानी फंसा हुआ कर्ज) पर दिए गए बयान के अगले ही दिन कांग्रेस ने पटलवार किया है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को अपने सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए मोदी सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो मोदी सरकार को बताना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान कितने रूपए कर्ज में डूब गए हैं। पीएम ने कहा था कि यूपीए सरकार में एक फोन पर कर्ज दिया जाता था।

आपकी सरकार में कितना NPA: चिदंबरम
यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के शासन काल में वित्त मंत्री रहे चिदंबरम में लिखा कि मई 2014 में कितना कर्ज दिया गया और उसमें से कितनी राशि डूब (नॉन पर्फोमिंग एसेट्स) बन गई। उन्होंने लिखा कि ये सवाल संसद में पूछा गया था लेकिन अबतक कोई जवाब नहीं मिला है।

यूपीए के सबसे बड़ा घोटाला एनपीए: मोदी
शनिवार को भारत डाक भुगतान बैंक (आईपीपीबी) का शुभारंभ करते हुए एक कार्यक्रम में मोदी ने पूर्व की यूपीए सरकार को एनपीए के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने एनपीए को यूपीए के सबसे बड़ा घोटाला बताया। पीएम ने कहा कि 2014 के पहले 12 बड़े डिफॉल्टरों को दिए गए 1.75 लाख करोड़ रूपए की वसूली के लिए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 27 अन्य डिफॉल्टरों पर भी सरकार की नजर है, जिनपर करीब एक लाख करोड़ रूपए का कर्ज है।

कांग्रेस ने पूछा- उन कर्जों को क्यों नहीं वसूला गया ?

पी. चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि यूपीए सरकार के दौरान दिए गए सभी कर्ज डूब गए। अगर इस बात को सही भी मान लें तो उसमें से किसने कर्जों को मौजूदा एनडीए सरकार ने नवीनकरण किया और कितने को रॉल ओवर (वित्तीय करारमानों की शर्तों पर फिर से समझौता करना) एवरग्रीन किया है। एक अन्य ट्वीट में पूर्व वित्त मंत्री ने पूछा कि उन कर्जों को क्यों नहीं वसूला गया? उन कर्जों पर एवरग्रीन (ऐसा कर्ज जिसे एक अवधि में मूलधन के भुगतान की जरूरत नहीं होती) क्यों किया गया।

'घोटाले के लिए एक विशेष अधिकार प्राप्त परिवार जिम्मेदार'

पीएम मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के शासन काल के दौरान 'फोन बैंकिंग' के जरिए बैंक के कर्ज में भारी घोटाले के लिए एक 'विशेष अधिकार प्राप्त परिवार' जिम्मेदार है। उन्होंने संकल्प लिया कि वह एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्ति यानी फंसा हुआ कर्ज) का एक-एक रुपया वापस लाएंगे। मोदी ने कहा कि यूपीए के शासनकाल में बकाया कर्ज के रूप में 2.5 लाख करोड़ रुपए बताकर इसे छिपाने की कोशिश की गई जबकि असल में यह रकम नौ लाख करोड़ रुपये थी।

हमारी सरकार में नहीं फंसा कोई कर्ज: पीएम मोदी

राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के शासनकाल का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि मेरी सरकार में कोई ऐसा कर्ज नहीं प्रदान किया गया जो फंस गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 2014 के पहले के 21 ऋण चूककर्ताओं को चिन्हित किया है, जो 1.75 लाख करोड़ रुपए का भुगतान करने में विफल रहे और उनसे वसूली की कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक लाख करोड़ के एनपीए वाले 27 ऋणचूककर्ता को भी चिन्हित किया है और सरकार वसूली को लेकर कार्य कर रही है।

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