NSA डोभाल के बयान पर पीडीपी ने साधा निशाना, कहा- कश्मीर के संविधान पर उनकी सोच अनुचित

NSA डोभाल के बयान पर पीडीपी ने साधा निशाना, कहा- कश्मीर के संविधान पर उनकी सोच अनुचित

Prashant Kumar Jha | Publish: Sep, 05 2018 05:21:53 PM (IST) राजनीति

अजित डोभाल ने कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक 'गलती' थी। साथ ही उन्होंने कहा कि संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है। इस पर सियासत तेज हो गई ।

श्रीनगर: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के बयान पर आपत्ति जताई है। डोभाल ने जम्मू एवं कश्मीर के लिए पृथक संविधान को एक असामान्य स्थिति बताया है। पीडीपी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रफी मीर ने कहा, "ऐसे समय में जब कश्मीर नाजुक और राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, डोभाल के ऐसे अनुचित बयान कश्मीर की जनता के प्रति उनकी असंवेदनशीलता दिखाते हैं।" सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बीच कश्मीर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने कहा है कि जम्मू एवं कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक 'गलती' थी। साथ ही उन्होंने कहा कि संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है। डोभाल ने कहा कि संप्रभुता को 'न तो कमजोर किया जा सकता है और न ही गलत तरीके से परिभाषित किया जा सकता है।' उन्होंने कहा, 'जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए तो संभवत: वे भारत को एक मजबूत संप्रभु देश के रूप में छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।'

विशेष दर्जे पर हमला है

मीर ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ एक मुस्लिम बहुल राज्य द्विराष्ट्र के सिद्धांत को नकार कर एक हिंदू बहुल देश पर विश्वास कर उसके साथ जाने का फैसला करता है और दूसरी तरफ यहां राज्य के विशेष दर्जे पर हमला कर हमारा उत्पीड़न किया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "मैं एनएसए को बताना चाहूंगा कि राज्य के विलय का दस्तावेज एक वैध कानूनी दस्तावेज है और किसी को इसके अनुच्छेद आठ को नहीं भूलना चाहिए, जिसके पहले वाक्य में कहा गया है कि यह समझौता किसी भी प्रकार से राज्य में और राज्य के बाहर संप्रभुता को प्रभावित नहीं करता।"

अगले साल जनवरी तक टली अनुच्छेद 35A पर सुनवाई

जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 35 A पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, जो 19 जनवरी तक टाल दी गई है। बता दें कि अनुच्छेद 35A, जम्मू-कश्मीर को राज्य के रूप में विशेष अधिकार देता है। इसके तहत दिए गए अधिकार 'स्थाई निवासियों' से जुड़े हुए हैं

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