राहुल गांधी को लेकर रणदीप सुरजेवाला और अरूण जेटली के बीच ट्वीटर पर छिड़ी बहस

Anil Kumar

Publish: Jun, 14 2018 10:20:47 PM (IST)

राजनीति
राहुल गांधी को लेकर रणदीप सुरजेवाला और अरूण जेटली के बीच ट्वीटर पर छिड़ी बहस

केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली के बयान पर गुरूवार को कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

नई दिल्ली। भाजपा और कांग्रेस के बीच एक बार फिर से जुबानी जंग शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली के बयान पर गुरूवार को कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने तिखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर राजनीतिक विमर्श को लेकर बहस देखने को मिली है।

दरअसल बुधवार को केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली ने एक लेख के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कोका कोला वाले बयान को लेकर तंज कसा था जिसपर गुरूवार को कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने पलटवार किया है। सुरजेवाला ने दावा किया कि बिना विभाग के मंत्री जेटली राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि जेटली ने राहुल गांधी की समझ पर सवाल उठाया था और कहा था कि यह तो अनुभवों से आती है, विरासत में नहीं मिलती।

सुरजेवाला के बयान के बाद जेटली ने ट्वीट करते हुए जवाब दिया और कहा- रणदीप सुरजेवाला, यह राजनीतिक विमर्श है, अशोभनीय बातें करना जवाब देना नहीं है। जवाब देना है तो तथ्यों के साथ जवाब दीजिए। जेटली के इस ट्वीट के बाद सुरजेवाला ने कहा कि जेटली जी, जब आप तथ्यों को तोड़-मरोड़क कांग्रेस नेतृत्व, यहां तक कि सर्वोच्च अदालत और कई अन्य लोगों के बारे में भला-बुरा कहते हैं, तो वह राजनीतिक विमर्श होता है। जब आपको ठोस तथ्यों के साथ सच का आइना दिखाया जाता है तो आप असहज हो जाते हैं और इसे अशोभनीय बात करार देते हैं।

बता दें कि अरूण जेटली ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि रणदीप सुरजेवाला यदि आर्थिक कुप्रबंधन होता तो कमजोर अर्थव्यवस्था वाले पांच देशों और नीतिगत पंगुता से दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था का सफर संभव नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा कि यह जानकारी नहीं होने का यह एक ओर नतीजा है। इस पर सुरजेवाला ने कहा कि जेटली जी मोदी सरकार में पिछले चार वर्ष में विकास दर सबसे नीचे स्तर पर है। निर्यात गिर गया है, दो करोड़ नौकरियों का वादा अब जुमला निकला, एनपीए 10 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है, निवेश गिर रहे हैं, बैंकों की हालत खराब हो चुकी है और लूट के साथ घोटाले आम बात हो गई है, जीएसटी गलत ढंग से लागू की गई है,योजनाएं विफल हो रही हैं। अब बताइये से यह सब आर्थित कुप्रबंधन नहीं है तो क्या है?

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