
खाद्य वस्तुओं की बढ़ती महंगाई मोदी सरकार का बयान, 'सतत निगरानी जरूरी'
नई दिल्ली। सब्जियों, फलों से लेकर रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों में बढ़ रही बेतहाशा महंगाई के बीच कीमतों पर नियंत्रण को लेकर अब मोदी सरकार का बयान सामने आया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण के लिय नियमित रूप से निगरानी रखना जरूरी है।
राज्यों के मंत्रियों के साथ हुई बैठक
पासवान ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों के साथ चौथी राष्ट्रीय परामर्श बैठक में राज्यों से केंद्र के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया, ताकि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहें और महंगाई पर नियंत्रण रखा जाए। खाद्य मंत्री ने कहा कि कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें मौसमी/अल्पकालिक वृद्धि को छोड़कर, बहुधा सापेक्ष रूप से स्थिर रहती हैं, मगर इन पर नियमित रूप से निगरानी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में जुलाई से नवंबर के बीच बढ़ने की प्रवृत्ति पाई जाती है।
पीडीएस को कंप्यूटरीकृत करने से मिलेगा लक्ष्य
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पूरी तरह कंप्यूटरीकृत करने का लक्ष्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। पासवान ने लक्षित प्रदायगी सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों की आधार सीडिंग तथा ई-पीओएस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों की जरूरत बताई। खाद्य मंत्रालय ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2018-19 में 355 लाख टन गेहूं की खरीद की गई है, जो 320 लाख टन की अनुमानित खरीद से ज्यादा है। मंत्रालय ने कहा कि चालू रबी विपणन वर्ष में पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा गेहूं की खरीद हुई है।
Updated on:
30 Jun 2018 10:04 am
Published on:
29 Jun 2018 06:31 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
