6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

महासंकट में दिल्लीः कल से बंद रहेगी मेट्रो, डीएमआरसी और कर्मचारियों में बातचीत नाकाम

वेतन बढ़ाने की बात को लेकर कर्मचारियों और डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) के बीच शुक्रवार को हुई बातचीत नाकाम हो गई। इसके बाद कर्मचारियों ने शनिवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
2 min read
Google source verification
Metro

कल से बंद रहेगी दिल्ली मेट्रो, डीएमआरसी और कर्मचारियों में बातचीत नाकाम

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन बन चुकी मेट्रो रेल शनिवार से अस्थाई तौर पर बंद हो सकती है। वेतन बढ़ाने की बात को लेकर कर्मचारियों और डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) के बीच शुक्रवार को हुई बातचीत नाकाम हो गई। इसके बाद कर्मचारियों ने शनिवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इस हड़ताल में करीब नौ हजार नॉन एक्जीक्यूटिव कर्मचारी शामिल रहेंगे। इनमें ट्रेन ऑपरेटर्स, स्टेशन कंट्रोलर, टेक्न‍िशियन, ऑपरेटिंग स्टाफ, मेंटनेंस स्टाफ आदि शामिल हैं।

लगातार जारी रहे विरोध प्रदर्शन

बीते कुछ दिनों से डीएमआरसी के कर्मचारी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हाथों में काली पट्टी बांध कर कई मेट्रो स्टेशनों पर धरना भी दिया गया। यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन भी किया था। यहां कर्मचारियों ने अपनी मांगे पूरी करवाने के लिए जमकर नारेबाजी की।

...इसलिए हो रही हड़ताल

- कर्मचारियों की मांगों में वेतन और पे ग्रेड में संशोधन, एरियर का भुगतान, किसी कर्मचारी को निकालने के बारे में एक गाइडलाइन बनाना आदि शामिल है।
- पहले हर पांच साल में प्रमोशन होता था लेकिन पिछले 10 सालों से पे ग्रेड नहीं बदला।
- कर्मचारियों के मुताबिक प्रबंधन ने जुलाई 2017 में किए गए वादे नहीं निभाए।
- प्रबंधन ने वादा किया था कि 13,500 से 25,520 ग्रेड का 14,000 से 26,950 ग्रेड के साथ विलय किया जाएगा, लेकिन यह नहीं हुआ।

...मेट्रो रूकी तो ये होगा असर

- दिल्ली मेट्रो में रोजाना करीब 25 लाख लोग सफर करते हैं।
- मेट्रो बंद हुई तो सड़कों पर दबाव बढ़ेगा, पहले ही दिल्ली में सड़क जाम और प्रदूषण की समस्या चरम पर है।
- मेट्रो के बाद सार्वजनिक परिवहन के लिए डीटीसी बेहद महत्वपूर्ण है जो पहले से ही यात्रियों की संख्या के दबाव में है।
- सड़क पर निजी वाहनों की संख्या भी बढ़ सकती है।
- डीएमआरसी को भी करोड़ों की चपत लग सकती है।