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शिवसेना ने पहली बार अनिल देशमुख पर उठाए सवाल, पूछा – सचिन वाझे को असीमित अधिकार किसने दिया?

शिवसेना ने सामना में लिखा है कि अनिल देशमुख दुर्घटनावश गृह मंत्री बने थे। लेकिन सचिन वाझे को असीमित अधिकार देने का मसला जांच का विषय है।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 28 Mar 2021, 12:44 PM IST

anil deshmukh

शिवसेना ने पहली बार ​अनिल देशमुख को कठघरे में खड़ा किया।

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर से विस्फोटक बरामद होने, मनसुख हिरेन की हत्या और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी बवाल चरम पर है। इस बीच पहली बार शिवसेना ने अपने ही सरकार के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर हमला बोला है। साथ ही इस मामले को गंभीर मसला बताया है।

यह भी पढ़ें :सांसद देलकर सुसाइड केस में भाजपा नेताओं को फंसाना चाहते थे अनिल देशमुख - परमबीर सिंह

दुर्घटनावश गुह मंत्री बने

शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखे एक संपादकीय में कहा है कि आखिर सचिन वाझे को असीमित अधिकार किसने दिए। साथ ही इस बात का भी प्रमुखता से उल्लेख किया है कि अनिल देशमुख दुर्घटनावश गृह मंत्री बने थे। साथ ही सचिन वाझे को नियुक्ति मिलने के साथ असीमित अधिकार भी मिले।

सरकार की हुई बदनामी

सचिन वाझे की वजह से कुछ ही महीनों में महाराष्ट्र सरकार की बदनामी हुई है। सचिन वाझे को असीमित अधिकार देना जांच का विषय है। इसके साथ ही विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें उद्धव सरकार गिराने की जल्दबाजी है।

अभी तक क्यों नहीं लिया देशमुख का इस्तीफा

वहीं बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि इस मामले में अनिल देशमुख का इस्तीाफा क्यों नहीं लिया गया। सचिन वाझे की नियुक्ति सीएम उद्धव ठाकरे ने खुद की थी। इतना ही नहीं, इस मामले में तीनों दल साझेदार हैं।