सांसद देलकर सुसाइड केस में भाजपा नेताओं को फंसाना चाहते थे अनिल देशमुख - परमबीर सिंह

100 करोड़ की महामंथली: शीर्ष कोर्ट पहुंचे परमबीर सिंह ने लगाया आरोप, सीबीआइ जांच की मांग, संसद में भी गूंजा मामला।

मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर पुलिस के जरिए हर महीने 100 करोड़ रुपए वसूली के आरोप को लेकर सियासी बवाल जारी है। देशमुख पर सनसनीखेज आरोप लगाने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि देशमुख मेरे जरिए दादर और नगर हवेली के सांसद अनिल देलकर सुसाइड केस में भाजपा नेताओं को फंसाना चाहते थे। उन्होंने याचिका में देशमुख पर आरोपों की सीबीआइ जांच का अनुरोध किया है।

उन्होंने अपने तबादले को भी चुनौती दी है। परमबीर ने सोमवार को होम गार्ड के महानिदेशक का पद संभाल लिया। लोकसभा और राज्यसभा में भी यह मामला गूंजा। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। इस बीच देर शाम महाविकास आघाडी में शामिल शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक भी हुई।

रोहतगी होंगे परम के वकील-
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी परमबीर सिंह की ओर से पैरवी करेंगे। इस बीच, मुंबई पुलिस के आयुक्त हेमंत नागराले ने राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से राजभवन में मुलाकात की।

देशमुख की बैठक पर बयानबाजी-
परमबीर सिंंह का कहना है कि देशमुख ने फरवरी में अपने सरकारी बंगले पर सचिन वाझे और एसीपी संजय पाटील से बैठक की थी। इसमें देशमुख ने हर माह 100 करोड़ की वसूली का टार्गेट दिया था। उधर, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने देशमुख के बचाव में कहा कि फरवरी में कोरोना संक्रमण के के कारण पहले अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल से छुट्टी के बाद देशमुख फरवरी के अंत तक होम आइसोलेशन में थे। इस बीच भाजपा ने देशमुख की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो जारी किया जिसे 15 फरवरी का बताया जा रहा है।

एनसीपी-शिवसेना देशमुख के साथ-
एनसीपी ने साफ कर दिया है कि देशमुख इस्तीफा नहीं देंगे। एनसीपी मुंबई अध्यक्ष नवाब मलिक ने कहा, जांच होने के बाद इस बारे में निर्णय होगा। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने सोमवार कहा कि यदि हम इसी तरह इस्तीफे लेते रहे तो सरकार कैसे चलेगी।

परम पर अंडरवल्र्ड से नजदीकी का आरोप-
मुंबई पुलिस के निलंबित इस्पेक्टर अनूप डांगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि परमबीर सिंह की अंडरवल्र्ड से नजदीकियां थीं। वे उन लोगों को बचाव करते थे जिनके अंडरवल्र्ड से संबंध रहते थे। डांगे ने इन आरोपों वाला पत्र 2 फरवरी को राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भी भेजा था। पत्र में आरोप लगाया है कि सिंह के एक नजदीकी ने उससे बहाली के नाम पर दो करोड़ रुपए की मांग की थी।

देशमुख पर परम आरोप-
खुफिया इकाई प्रमुख रश्मि शुक्ला को कॉल इंटरसेप्ट से पता चला देशमुख ट्रांसफरों में भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
एंटीलिया केस जांच में वाझे देशमुख से संपर्क में थे। मैंने सच बोला, जिसके लिए मुझे सजा मिली।
मैंने सब बातें सीएम व अन्य नेताओं को बताई थीं।

विकास गुप्ता
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