
क्या 24 घंटे में ही चली जाएगी CM येदियुरप्पा की कुर्सी?
नई दिल्ली : कई दिनों से कर्नाटक में सियासी नाटक चल रहा है। सियासत के ऐसे दांव-पेंच इससे पहले देखने को नहीं मिले।सुप्रमीकोर्ट ने आधी रात में राजनैतिक मसले के लिए अपने दरवाजे खोले। जिसके बाद गुरुवार को बुकंकरे सिद्दालिंगप्पा येदियुरप्पा का राजतिलक हो गया। येदियुरप्पा ने तीसरी बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। जिससे बीजेपी में जश्न का माहौल है और कांग्रेस के खेमे में मायूसी छाई हुई है। येदियुरप्पा सत्ता के सिंहासन पर काबिज हो गए हैं अब उन्हें 24 घंटे के अंदर अपने समर्थन विधायकों की सूची सर्वोच्च न्यायालय को देनी है। भारतीय जनता पार्टी के लिए 112 विधायकों की लिस्ट सौंपना आसान नहीं है। जो बहुमत का आंकड़ा है। ऐसे में येदियुरप्पा को बहुमत साबित करना एक बड़ी चुनौती है। बीजेपी कर्नाटक चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी उभरी, बीजेपी को 104 सीटें हासिल हुईं। भाजपा ने सबसे बड़ी पार्टी होने के चलते सरकार बनाने का दावा पेश किया तो वहीं कांग्रेस और जेडीएस ने बीजेपी को रोकने के लिए हाथ मिला लिया। यहां आप को बता दें कि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37, बसपा को 1 और अन्य को 2 सीटें मिली। जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन करके विधायकों की पर्याप्त संख्या होने का हवाला देते हुए सरकार बनाने का दावा किया।
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सुप्रीम कोर्ट ने मांगा है समर्थन पत्र
बुधवार की शाम कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देते हुए येदियुरप्पा को 15 दिन में बहुमत साबित करने का वक्त दिया। जिसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी से राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र की मांग की है। शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे दोबारा इस मामले की सुनवाई होगी। सीएम येदियुरप्पा को अपने 112 विधायकों की सूची सौंपनी है। जबकि उनके पास 104 विधायक हैं। ऐसे में 8 विधायकों का समर्थन हासिल करना अपने आप में बड़ी बात है। अगर बीजेपी शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे अपने 112 विधायकों की लिस्ट नहीं सौंपती हैं, तो ऐसी स्थिति में सीएम येदियुरप्पा के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। बीजेपी बहुमत के लिए जरूरी 112 विधायकों की संख्या को पूरा करने में अगर दो अन्य विधायक और एक बसपा विधायक को अपने साथ कर भी लेती है तो उसकी संख्या 107 पर ही आकर अटक जाएगी। इसके बाद भी बहुमत के लिए 5 विधायकों की जरूरत पड़ेगी, जिसे पूरा करना आसान नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी सियासत की बिसात पर अब कौन से चाल चलती है जिससे वे कर्नाटक की सत्ता में बने रहें।
Updated on:
17 May 2018 10:31 am
Published on:
17 May 2018 10:59 am
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