पटाखे बैन पर बोले त्रिपुरा के गवर्नर, अवॉर्ड वापसी गैंग चाहे तो चिता जलाने को भी रूकवा दे

Kapil Tiwari

Publish: Oct, 11 2017 10:27:33 (IST) | Updated: Oct, 11 2017 12:05:34 (IST)

Political
पटाखे बैन पर बोले त्रिपुरा के गवर्नर, अवॉर्ड वापसी गैंग चाहे तो चिता जलाने को भी रूकवा दे

दिवाली से पहले पटाखों की बिक्री पर लगी रोक को लेकर त्रिपुरा के गवर्नर बोले, हो सकता है कल को चिता जलाने पर भी कोर्ट में डाल दी जाए याचिका

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिवाली के मौके पर दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाए जाने को लेकर अब सियासत भी शुरु हो चुकी है। जहां एक तरफ कोर्ट के इस फैसले के बाद पटाखा कारोबारियों और दुकानदारों में खलबली मच गई है, तो वहीं इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरु हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसला को लेकर त्रिपुरा के गवर्नर तथागत राय का एक बयान आया है, जो इस मुद्दे पर राजनीतिक टिप्पणियों को हवा दे सकता है।

'चिता जलाने को लेकर दाखिल हो सकती है याचिका'
राज्यपाल तथागत राय ने ट्वीट कर इस फैसले का विरोध किया है और कहा है कि इस फैसले से हिंदूओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा है कि आगे-आगे तो हिंदुओं में चिता जलाने वाली प्रथा को लेकर भी कोर्ट में याचिका दाखिल की जा सकती है। तथागत राय ने ट्वीट कर कहा है, 'कभी दही हांडी, आज पटाखा, कल हो सकता है प्रदूषण का हवाला देकर मोमबत्ती और अवॉर्ड वापसी गैंग हिंदुओं की चिता जलाने पर भी याचिका डाल दे.'

रोहिंग्या शर्णार्थियों को बताया था 'कचरा'
अपने इस बयान के बाद तथागत राय ने एक चैनल से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदु धर्म के लोग खुश नहीं हैं, उन्होंने कहा कि कोर्ट ने अपने फैसले से एक विशेष समुदाय को अपने त्योहार मनाने से वंचित किया है। आपको बता दें कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और त्रिपुरा के गवर्नर तथागत राय अक्सर सोशल मीडिया पर कई मुद्दों को लेकर की गई टिप्पणियों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने रोहंगिया शरणार्थियों को "कचरा" बुलाकर नया विवाद खड़ा किया था। उन्होंने कहा था कि रोहिंग्या शर्णार्थियों को न तो कोई इस्लामिक देश अपना रहा है और न ही बांल्गादेश, लेकिन भारत एक महान धर्मशाला है। उन्होंने कहा था कि भारत को कभी कचरे को कबूल नहीं करना चाहिए।

चेतन भगत ने भी दिया था विवादित बयान

आपको बता दें कि इससे पहले प्रसिद्ध लेखक चेतन भगत भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर नाखुशी जता चुके हैं। चेतन भगत ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि जिस तरह दिवाली से पहले पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई गई है, उसी तरह बकरीद में बकरों पर क्यों रोक नहीं लगाई जाती।

1 नवंबर तक जारी रहेगी रोक
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। 19 अक्‍टूबर को दिवाली से पहले यहां पटाखों की बिक्री नहीं हो पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये बैन 1 नवंबर 2017 तक बरकरार रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी महाराष्ट्र के रिहायशी इलाकों में पटाखे बेचने पर रोक लगा दी है। साथ ही प्रशासन को आदेश दिया है कि वो प्रतिबंधित इलाकों में पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।

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