यशवंत सिन्‍हा बोले, भाजपा में लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आएं आडवाणी और जोशी

Mazkoor Alam

Publish: Apr, 17 2018 05:44:06 PM (IST)

Political
यशवंत सिन्‍हा बोले, भाजपा में लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आएं आडवाणी और जोशी

यशवंत सिन्हा ने खुला पत्र लिखकर भाजपा सांसदों से अपील की है कि भाजपा में लोकतंत्र को बचाने के लिए वह आवाज उठाएं।

नई दिल्ली : भाजपाके बागी नेता यशवंत सिन्हा पिछले कुछ समय से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मादी और केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला कर रहे हैं। उन्‍होंने एक बार फिर भाजपा नेताओं से लोकतंत्र बचाने की अपील है।

भाजपा सांसदों को लिखा खुला पत्र
यशवंत सिन्हा ने भाजपा सांसदों के नाम एक खुला पत्र लिखा है- डियर फ्रेंड, स्‍पीक अप। पत्र में उन्‍होंने भाजपा सांसदों से मोदी सरकार की नीतियों को विफल बताते हुए उनके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। वरिष्‍ठ भाजपा नेता ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि हर मोर्चे पर सरकार विफल है। कुछ सफलताएं भी सामने आई हैं, लेकिन ज्यादातर विफलता ही हाथ लगी है। इस पत्र के माध्‍यम से उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे पार्ष्टी के वरिष्‍ठ नेताओं से भी पहल करने की अपील की है।

दलित सांसदों ने उठाई थी आवाज
अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने लिखा है कि पार्टी में पूरी तरह से लोकतंत्र खत्म हो गया है। कई सांसद शिकायत करते हैं कि उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही। बैठकों में भी कोई कार्रवाई नहीं होती। बजट सत्र के पूरी तरह खराब होने बावजूद पीएम ने विपक्षी नेताओं के साथ बैठक तक नहीं की। ऐसा लगता है कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना भर रह गया है। अब समय आ गया है कि हमें इन मुद्दों पर बोलना चाहिए। हाल में कुछ दलित सांसदों ने अपनी आवाज उठाई थी।

किसानों की हालत खराब
यशवंत सिन्‍हा ने लिखा है कि अगर 2014 में भाजपा चुनाव जीत कर सत्‍ता में आई तो वह कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा था। उनके दम पर ही भारी बहुमत मिला। सरकार के अब चार साल पूरे हो चुके हैं। वह पांच बजट भी पेश कर चुकी है। इसके बावजूद ऐसा लगता है कि वह लोगों का विश्वास खो चुकी है। मोदी सरकार लगातार दावा कर रही है कि भारत दुनिया की सबसे तेज विकास करने वाली अर्थव्यवस्था है, लेकिन अगर यह दुनिया की सबसे तेज विकास करने वाली अर्थव्‍यवस्‍था होती तो किसानों की हालत खराब नहीं होती। युवक बेरोजगार नहीं होते, न ही छोटे व्‍यापार का खात्‍मा नहीं होता, जैसा पिछले चार सालों में देखने को मिला है।

बलात्‍कारियों पर सख्‍त कदम उठाने के बजाय क्षमा मांग रहे हैं हम
पूर्व वित्‍त मंत्री ने कहा कि देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। बलात्‍कार की घटनाएं लगातार सामने आ रही है। बलात्‍कारियों पर सख्‍त कार्रवाई करने के बजाय हम उनसे क्षमा मांगते दिख रहे हैं। आज दलित और आदिवासी काफी परेशान हैं। प्रधानमंत्री लगातार विदेश घूमते हैं। प्रधानमंत्री और अन्‍य नेता विदेशी नेताओं के साथ गले मिल रहे हैं। इसके बावजूद पड़ोसियों के साथ आज भी हमारे रिश्ते नहीं सुधरे हैं। चीन भी अब भारत पर अपनी दादागिरी दिखा रहा है।

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