विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी

Devi Shankar Suthar | Updated: 13 Sep 2019, 12:34:56 PM (IST) Pratapgarh, Pratapgarh, Rajasthan, India

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी
पीपलखूंट की कुपड़ा ग्राम पंचायत के आखापुर गांव की घटना
ग्रामीणों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी
पीपलखूंट की कुपड़ा ग्राम पंचायत के आखापुर गांव की घटना
ग्रामीणों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला
प्रतापगढ़. जिले के पीपलखूंट उपखंड क्षेत्र के कुपड़ा ग्राम पंचायत के आखापुर गांव में गुरुवार को बेक वॉटर में गणेश विसर्जन के लिए जाने के दौरान श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई। नाव पलटने से उसमें सवार श्रद्धालु गिर गए। उनमें से कुछ श्रद्धालु जो तैरना जानते थे वे तैर कर बाहर आ गए वहीं अन्य श्रद्धालुओं को वहां मौजूद अन्य लोगों ने सुरक्षित बचा लिया। ऐसे में बड़ा हादसा होने से बच गया। जानकारी के अनुसार दोपहर में कुछ श्रद्धालु एक नाव में सवार होकर गणेश विसर्जन के लिए जा रहे थे। क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण नाव पलट गई। अचानक नाव पलटने से उसमें सवार श्रद्धालु पानी में गिर गए। जिनमें से कुछ तैरकर बाहर निकले तो कुछ को वहां मौजूद ग्रामीणों ने बचा लिया।
प्रतापगढ़. अनंत चतुर्दशी पर जिले में देर रात तक जलाशयों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन किए गए। इस दौरान यहां मेले सा माहौल रहा। शहर में भी देर रात तक जुलूस के रूप में दीपेश्वर तालाब स्थित गणेश घाट पहुंच भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। श्रद्धालुओं ने डीजे व ढोल के साथ अबीर और गुलाल उड़ाते हुए नाचते गाते हुए ‘गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तु जल्दी आ’ के नारों के साथ भगवान गणेश को विदा किया। गणेश घाट पहुंचने के बाद भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की।
जिले में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दूधली टाण्डा, मानपुरा, सिद्धपुरा, अखेपुर व करमदीखेड़ा में लबाना समाज की ओर से शोभायात्रा निकाल कर भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। दशरथ लबाना ने बताया कि गांवों में बैण्ड बाजों, ढ़ोल व डीजे के साथ शौभायात्रा में गुलाल उड़ाते हुए आतिशबाजी के साथ नृृत्य करते हुए श्रद्धालु दिखाई दिए।
इस वर्ष गणेश घाट पर सुबह से लगा रहा मेला
शहर में करीब ४ वर्षों से दीपेश्वर तालाब पर प्रतिमाओं का सांकेतिक विसर्जन किया जाता था जिसके बाद यहां दीपेश्वर तालाब पर संग्रहित की गई। गणेश प्रतिमाओं को जाखम बांध सहित अन्य स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता था। शहरवासियों की मांग पर शहर के दीपेश्वर तालाब स्थित गणेश घाट का निर्माण किया गया। गणेश विसर्जन के दौरान सुबह से ही सभापति कमलेश डोसी गणेश घाट पर रूक व्यवस्थाओं को देखते रहे।

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