दिव्यांग अमृतलाल बना प्रतापगढ़ जिला कलक्टर

दिव्यांग अमृतलाल बना प्रतापगढ़ जिला कलक्टर

Rakesh kumar Verma | Publish: Feb, 28 2018 05:08:54 PM (IST) Pratapgarh, Rajasthan, India

दो मिनीट के लिए सपनों को किया साकार

प्रतापगढ़ दृष्टि बाधित दिव्यांग तेरह वर्षीय अमृतलाल कुमावत का देखा गया सपना दो मिनट के लिए उस समय साकार हो उठा जब वह सहायक उपकरण प्राप्त करने बुधवार को मिनी सचिवालय पहुंचा। कार्यवाहक जिला कलक्टर हेमेन्द्र नागर ने दिव्यांग अमृृतलाल से उसके भविष्य और उपकरण के उपयोग के बारे में पूछा तो उसने उच्च अध्ययन कर भविष्य में जिला कलक्टर बनने की इच्छा जताई।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने दिव्यांग के सपने को पंख लगाया और कुछ समय के लिए स्वयं की कुर्सी छोडकऱ दिव्यांग को अपनी कुर्सी पर बैठाया और जिला कलक्टर बनने का अनुभव करवाया।
दिव्यांग अमृतलाल कुछ समय के लिए अभिभूत हुआ और दृढ़ता से अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं उपस्थित अधिकारियों को जवाब भी दिए।
गौरतलब है कि तेरह वर्षीय दिव्यांग अमृतलाल कुमावत प्रज्ञा चक्षु उच्च माध्यमिक अन्ध विद्यालय उदयपुर में कक्षा 7 में अध्ययनरत है। दिव्यांग बालक को बुधवार मिनी सचिवालय में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग की और से ब्लाइंड स्टीक व एमआर किट प्रदान किए गए। यह ब्लाइंड स्टीक तीन मीटर के क्षेत्र में वायब्रेट होकर खतरे को बताती है कि उधर नहीं जाना, इधर खतरा है। उसका संकेत देती है। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी बैरवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सूचना सहायक संजीव ताहर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

===========================

दिव्यांग अमृतलाल बना प्रतापगढ़ जिला कलक्टर
प्रतापगढ़
दृष्टि बाधित दिव्यांग तेरह वर्षीय अमृतलाल कुमावत का देखा गया सपना दो मिनट के लिए उस समय साकार हो उठा जब वह सहायक उपकरण प्राप्त करने बुधवार को मिनी सचिवालय पहुंचा। कार्यवाहक जिला कलक्टर हेमेन्द्र नागर ने दिव्यांग अमृृतलाल से उसके भविष्य और उपकरण के उपयोग के बारे में पूछा तो उसने उच्च अध्ययन कर भविष्य में जिला कलक्टर बनने की इच्छा जताई।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने दिव्यांग के सपने को पंख लगाया और कुछ समय के लिए स्वयं की कुर्सी छोडकऱ दिव्यांग को अपनी कुर्सी पर बैठाया और जिला कलक्टर बनने का अनुभव करवाया।
दिव्यांग अमृतलाल कुछ समय के लिए अभिभूत हुआ और दृढ़ता से अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं उपस्थित अधिकारियों को जवाब भी दिए।
गौरतलब है कि तेरह वर्षीय दिव्यांग अमृतलाल कुमावत प्रज्ञा चक्षु उच्च माध्यमिक अन्ध विद्यालय उदयपुर में कक्षा 7 में अध्ययनरत है। दिव्यांग बालक को बुधवार मिनी सचिवालय में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता विभाग की और से ब्लाइंड स्टीक व एमआर किट प्रदान किए गए। यह ब्लाइंड स्टीक तीन मीटर के क्षेत्र में वायब्रेट होकर खतरे को बताती है कि उधर नहीं जाना, इधर खतरा है। उसका संकेत देती है। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी बैरवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सूचना सहायक संजीव ताहर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned