प्रतापगढ़ की सहकारी समितियों में नहीं मिल रहा यूरिया


जिले में खरीफ फसल की बुवाई का अंतिम दौर चल रहा है। लेकिन कई इलाकों में आवश्यक उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अभी यूरिया की आवश्यकता कम है। लेकिन आगामी दिनों में गेहूं की फसल में यूरिया की आवश्यकता होगी।


जिले में खरीफ की बुवाई
किसानों ने की यूरिया उपलब्ध कराने की मांग
अरनोद क्षेत्र में अधिक समस्या
प्रतापगढ़
जिले में खरीफ फसल की बुवाई का अंतिम दौर चल रहा है। लेकिन कई इलाकों में आवश्यक उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अभी यूरिया की आवश्यकता कम है। लेकिन आगामी दिनों में गेहूं की फसल में यूरिया की आवश्यकता होगी। इसे देखते हुए किसान अभी से यूरिया खरीदने के लिए बाजार और सहकारी समितियों में में पहुंच रहे है। लेकिन समितियों में यूरिया की खेप खत्म हो गई है। इस कारण किसानों ने समितियों में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है।
जल घुलनशील उर्वरक का कर सकते है प्रयोग
दानेदार उर्वरक के साथ ही गत समय से जल घुलनशील उर्वरक भी मिल रहे है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञों की ओर से इस प्रकार के उर्वरकों का उपयोग करने की भी सलाह किसानों को दी जा रही है।
आवश्यक मात्रा में ही खरीदें
निकटवर्ती एमपी में यूरिया की कमी को लेकर यहां भी किसानों ने यूरिया और अन्य उर्वरक की खरीद करने लगें है। दूसरी ओर कृषि विभाग के अनुसार अभी जिले में बुवाई का अंतिम दौर है। जिससे यूरिया की आवश्यकता नहीं है। यूरिया की आवश्यकता करीब एक सप्ताह बाद होगी। जिससे किसानों को आवश्यक मात्रा में ही यूरिया की खरीद करने की सलाह विभाग की ओर से दी जा रही है।
अरनोद में रोड की समस्या
जिले के अरनोद में यूरिया उपलब्ध नहीं होने का कारण प्रतापगढ़ से अरनोद रोड खराब होना सामने आ रहा है। रोड खराब होने के कारण यहां से भारी वाहन संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए है। जिस कारण यहां यूरिया की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

एक सप्ताह में उपलब्ध होगा यूरिया
जिले में अभी यूरिया की आवश्यकता कम है। आगामी दिनों में यूरिया की आवश्यकता होगी। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। आगामी दिनों में यूरिया के लिए आगे डिमांड भेजी हुई है। रैक लगने पर एक सप्ताह में इसकी आपूर्ति हो सकेगी। किसानों से अपील है कि वे आवश्यकता होने पर ही यूरिया की खरीद करें। इसके साथ ही जलघुलनशील उर्वरक का भी उपयोग करें। जिससे फसलों की पैदावार भी अच्छी होगी।
मुकेश आमेटा
क्षेत्रीय अधिकारी, इफको

Devishankar Suthar
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