VIDEO: जज दम्पती के घर गर्मियों की छुटि़्टयां मना रहे शहीद के बच्चे

Rakesh kumar Verma | Updated: 04 Jun 2019, 07:13:31 PM (IST) Pratapgarh, Pratapgarh, Rajasthan, India

-राजसमंद के शहीद नारायणलाल के बच्चों के पालन पोषण का खर्च उठाने की थी घोषणा

- गर्मियों की छुटियों में प्रतापगढ़ पहुंचे दोनों बच्चे
- जज दम्पती के साथ खेले, की मौज मस्ती
प्रतापगढ़. पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए राजसमंद के नारायण लाल के बच्चे इन दिनों गर्मियों की छुट्टियां अपने अभिभावक जिला व सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार शर्मा के साथ मना रहे हैं। जज शर्मा ने इन बच्चों के लालन-पालन का जिम्मा उठाने की घोषणा की थी। इसी के तहत इन दिनों शहीद के दोनों बच्चे बेटी हेमलता और बेटा मुकेश अपने अभिभावक के यहां प्रतापगढ़ आए हुए हैं।
जज राजेन्द्र कुमार शर्मा व उनकी पत्नी पारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश आशा कुमारी शर्मा ने दोनों बच्चों को प्रतापगढ़ के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया। बालिका हेमलता दसवीं में है, जबकि बालक मुकेश आठवीं में है। न्यायाधीश दम्पती ने दोनों बच्चों को अपनी संतान की तरह रखने और उनकी शिक्षा तथा हेमलता के विवाह का खर्चा उठाने का जिम्मा लिया था। इसके बाद से जिला जज लगातार शहीद के बच्चों के सम्पर्क में थे। उन्होंने बच्चों को गर्मियों की छुटियां उनके साथ बिताने की बात कही थी। सोमवार को दोनों बच्चे अपने चाचा के साथ प्रतापगढ़ जिला जज के घर अपनी गर्मियों की छुटियां बिताने पहुंचे।

पहला दिन बिताया घूमने में
शहीद नारायणलाल सीआरपीफ में हैडकांस्टेबल थे। दोनों बच्चे सोमवार को प्रतापगढ़ पहुंचे। इसके बाद शर्मा दम्पती के साथ उन्होंने प्रतापगढ़ शहर में घूम कर दिन बिताया। बच्चों ने बताया कि वे सबसे पहले रोकडिय़ा हनुमान मंदिर गए, जहां दर्शन करने के बाद वे शहर के वुडलैंड पार्क गए। यहां मौज-मस्ती के बाद दीपेश्वर तालाब पर घूमे। वहीं मंगलवार शाम को मूवी देखने के साथ बाजार में मौज-मस्ती की।

अच्छे मेहमानों की तरह जाएगा रखा: न्यायाधीश आशा कुमारी
पारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश आशा कुमारी शर्मा ने बताया कि बच्चों के लम्बे समय से हम बुला रहे थे। अब गर्मियों की छुटियों में यह हमारे पास आए है। हम अपने अच्छे मेहमानों की तरह इन्हें रखेंगे। उन्होंने बताया कि वे बच्चों के खेलेंगी। बच्चों से ढेर सारी बाते करेंगी। बच्चों के साथ समय बिताकर बहुत अच्छा लग रहा है। पहले दिन भी हमने बच्चों के साथ देर रात 11 बजे तक खूब मस्ती की।

बच्चों को महसूस होना चाहिए कि देश उनके साथ है
जिला जज शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों को उनके पिता के शहीद के बाद हमने यहीं आकर रहने और पढ़ाईपूरी करने के लिए कहा था। लेकिन उनका अपने परिवार से जुड़ाव की वजह से वे यहां नहीं रह सके। अब दोनों बच्चे गर्मियों की छुटियों में हमारे पास आए हैं। हम उनका पूरा खयाल रख रहे हैं। पहले दिन इन्होनें घूमने में निकाला है। जिला जज शर्मा ने कहा, ‘शहीद के बच्चों को महसूस होना चाहिए कि देश की जनता उनके साथ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसी हमले में शहीद हुए कोटा के हेमराज के बच्चों को भी यहां गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए बुलाया है। वे भी अगले एक दो दिन मे आ सकते हैं।

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