सामने आयी एक चौकी इंचार्ज की दबंगई, मांगी रिस्वत, लगे ये आरोप

सामने आयी एक चौकी इंचार्ज की दबंगई, मांगी रिस्वत, लगे ये आरोप

Akansha Singh | Publish: Sep, 08 2018 08:56:12 AM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 09:08:06 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

एक दरोगा को पीड़ित ने रिश्वत नहीं दिया तो उस पर मुकदमा दर्ज कर कराने का फरमान सुना दिया।

रायबरेली. रायबरेली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक दरोगा को पीड़ित ने रिश्वत नहीं दिया तो उस पर मुकदमा दर्ज कर कराने का फरमान सुना दिया। यही नहीं दरोगा पर आरोप है कि दर्ज मुकदमे में उल्टा बयान कराने के लिए एक अधेड़ युवक के साथ मारपीट भी की है। यह हम नहीं बल्कि दरोगा से पीड़ित एक परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर खुद बयां कर रहा है और अपने परिवार के न्याय की गुहार लगाई है।

मामला थाना सरेनी के पूरे लाला मजरे टीला का है उक्त गांव निवासी रामबरन अपनी बेटी, पत्नी, बहू और नाती के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत पत्र देते हुए अवगत कराया है। बीती 31 अगस्त को जमीनी विवाद को लेकर परिवार के बीच हुई मारपीट हुई थी जिसमें एक मासूम के पैर में चोट आई तो वहीं एक महिला की उंगली टूटने एक वृद्ध महिला का दांत टूटने की बात सामने आई है।पीड़ितों के अनुसार तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि चौकी इंचार्ज गेगासो ने बहाने से बुलाकर 20 हजार रुपये की मांग की। ना देने पर कहा कि मुकदमा लिखाने का पैसा पैसा है और हमें देने के लिए नहीं जो भैंस की बिक्री किया है वह पैसा कहां है। यही नहीं पीड़ित रामबरन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब वह पैसा नहीं दे पाया तो चैकी इंचार्ज ने उसके साथ मारपीट की और मुर्गा बनाकर पीछे से लात भी मारा। जब मामला सच या झूठ है तो जांच का विषय है। लेकिन जिस तरह से पूरे परिवार ने रो-रो कर पुलिस मुख्यालय पर अपना दुख दर्द बयां किया है। इससे सरेनी थाने की पुलिस सवालों से घिर गई। वहीं जब थाना अध्यक्ष सरेनी से बात की गई करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव हुआ लेकिन वह किसी किसी मीटिंग में होने के कारण बात नहीं हो सकी।

मुकदमा पंजीकृत करवाने का आरोप में चैकी प्रभारी (गेंगासो) का कहना है कि दो सगे भाइयों में घूरा को लेकर मारपीट हुई थी जिस पर दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी विवेचना की जा रही है। जिसमें एक पक्ष को बुलाया गया था लेकिन वह यहां न आकर पुलिस मुख्यालय पहुंच गए हैं और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। किसी भी पीड़ित के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया गया है।

 

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