यूपी पंचायत चुनाव से पहले गांवों में ‘स्मार्ट वोटिंग’ से चुने जा रहे प्रधान

यूपी चुनाव पंचायत (UP Chunav Panchayat) के मॉडल को आयोग ने अभी नहीं अपनाया है लेकिन गांव में 'स्मार्ट वोटिंग' से प्रधान चुने जा रहे हैं। अभी पंचायतों का आरक्षण होना बाकी है।

By: Karishma Lalwani

Published: 28 Sep 2020, 04:45 PM IST

रायबरेली. यूपी चुनाव पंचायत (UP Chunav Panchayat) के मॉडल को आयोग ने अभी नहीं अपनाया है लेकिन गांव में 'स्मार्ट वोटिंग' से प्रधान चुने जा रहे हैं। अभी पंचायतों का आरक्षण होना बाकी है। प्रत्याशियों की प्रत्यशिता भी होनी है। लेकिन असली चुनाव की तैयारी से पहले गांव में स्मार्ट मीटर से प्रत्याशियों की तैयारी मापी जा रही है। दरअसल, मॉक पोल (छद्म मतदान) के नाम पर गांवों में मोबाइल पर ‘स्मार्ट पोलिंग’ खूब लोकप्रिय हो रही है। ग्राम पंचायतों में एक मोबाइल ऐप के लिंक के जरिए प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर है। मतदाता बाकायदा उन्हें एक क्लिक के जरिए अपना वोट देते हैं, जिससे पता चल सके कि कौन प्रत्याशी कितने पानी में है।

व्हाट्सऐप पर लिंक डालकर मांगे जाते हैं वोट

लोग अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए व्हाट्सऐप पर लिंक डालकर उनके लिए वोट डालते हैं। जो लोग परदेश कमाने गए हैं, उन्हें भी व्हाट्सऐप पर लिंक भेजकर वोट डालने के लिए अनुरोध किया जाता है। सबसे अधिक वोट पाने वाले को प्रधानजी का संबोधन भी मिलना शुरू हो गया है।

प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर

सतांव ब्लाक की दो ग्रामसभाओं में प्रत्याशियों और वोटरों में चुनावी बुखार जोरों पर है। वोटर अपने अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए अधिक से अधिक लोगों से वोटिंग करा रहे हैं। हालांकि अभी इस ऐप में बड़ी खामियां और लीकेज हैं, जिससे बेईमानी और फर्जी वोटिंग के भी आरोप लग रहे हैं।

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