रायपुर समेत 3 जिलों ने की कोरोना एंटीजन किट से गलत रिजल्ट की शिकायत, कंपनी को किया है तलब

- सीजीएमएससी ने की है खरीदी, रायपुर सीएमएचओ ने बुधवार को 20,000 किट वापस लौटा दीं।
- मॉयलैब कंपनी ने की किट की सप्लाई, 1 लाख के लॉट में संदेह ।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 26 Nov 2020, 03:48 PM IST

रायपुर. प्रदेश में एक बार फिर एंटीजन कोरोना टेस्ट किट में गड़बड़ी उजागर हुई है। रायपुर, धमतरी और कवर्धा जिले ने एंटीजन किट से गलत रिपोर्ट आने की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को की। जिसके बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) ने इन किट के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए, कंपनी के अधिकारियों को तलब किया है। ये गुरुवार को आकर सीजीएमएससी के अफसरों के सामने किट की जांच करेंगे। अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो अनुबंध के मुताबिक इसे रिप्लेस कर नई किट सप्लाई करेंगे। जानकारी के मुताबिक किट मॉयलैब नामक कंपनी ने महीनेभर पहले सप्लाई की थी। इसके जिस लॉट में गड़बड़ी की बात सामने आई है, उसमें एक लाख किट हैं।

सूत्रों के मुताबिक सबसे पहले रायपुर सीएमएचओ कार्यालय अंतर्गत संचालित कोरोना जांच केंद्रों से शिकायतें आने शुरू हुईं कि किट में रिपोर्ट नहीं बता रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक व्यक्ति के 2-2 टेस्ट किए। उसमें भी जब यही रिजल्ट आया तो फिर उनके आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाए जा रहे हैं ताकि उनमें वायरस की पहचान समय पर हो सके। रायपुर जिले ने बुधवार को सीजीएमएससी को 20,000 एंटीजन किट लौटा दीं। अन्य जिले भी लौट रहे हैं। जानकारी के मुताबिक कंपनी से 5 लाख किट की सप्लाई हुई है। पहली बार इस तरह की शिकायत सामने आई है, वह भी ऐसे वक्त पर जब कोरोना टेस्ट बढ़ाने की आवश्यकता है।

सी लाइन गायब है
रायपुर जिले के कोरोना टेस्ट तकनीशियनों ने बताया कि किट के इस्तेमाल के वक्त जैसे ही सैंपल में वीटीएम डालते हैं तो सी लाइन डिस्प्ले हो जानी चाहिए। जो कई किट में नहीं हो रही। जिनमें हो रही है उसमें आधे घंटे के बाद 'सी' लाइन गायब हो जा रही है। यानी किट में गड़बड़ है। कुछ लोगों में 'सी' लाइन रही, मगर 'टी' लाइन यानी दो लकीरें डिस्प्ले हुईं, मगर उसमें से 'टी' लाइन गायब हो गई। किट में यह उल्लेखित है कि अगर आधे घंटे के बाद कोई भी डिस्प्ले होता है तो उसे अवैध माना जाएगा, यानी वह वैलिड नहीं हैं। मान्य नहीं है। तकनीशियनों ने यह भी बताया कि किट के साथ आने वाला लिक्विड यानी वीटीएम भी कम आ रहा है।


60 प्रतिशत ही देती ही सही नतीजे

एंटीजन किट में 60-65 प्रतिशत ही सही नतीजे आते हैं। यह कंफर्मेशन टेस्ट नहीं माना जाता। अगर व्यक्ति को लक्षण हैं और एंटीजन में रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसे आरटी-पीसीआर की सलाह दी जाती है। क्योंकि अगर वायरस लोड कम है तो एंटीजन किट में वायरस पकड़ नहीं आता है। मगर, आरटी-पीसीआर टेस्ट महंगा है। रिपोर्ट आने में 2 दिन तक का समय लगता,इसलिए एंटीजन और ट्रूनेट जैसी विकल्प को मान्यता दी है।

कुछ जिलों में कोरोना एंटीजन किट से बेहतर परिणाम न आने की शिकायतें मिली थी। कंपनी के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आकर जांच करें। अगर, गड़बड़ी है रिप्लेसमेंट होगा।
- डॉ. सीआर प्रसन्ना, प्रबंध संचालक, सीजीएमएससी

Corona Virus treatment
Show More
Bhupesh Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned