
पहले हुई 518 वधु की एनीमिया जांच उसके बाद वैदिक मंत्रो से दांपत्य जीवन के संस्कार पूरे किए
रायपुर। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में पहले 518 दुल्हनों ने एनीमिया की जांच कराई इसके बाद विवाह के सात फेरे लिए। 512 जोंडों को गायत्री परिवार द्वारा वैदिक रीति रिवाज से दांपत्य जीवन में प्रवेश कराया गया। 3 जोड़ों को मौलवी साहब ने और 3 जोड़ो को पादरी ने विवाह के संस्कार पूरे कराए। सामूहिक विवाह तय मुहूर्त से 2 घंटे विलंब से शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे मुस्लिम और ईसाई जोड़े के विवाह संस्कार हुए और उसके बाद डेढ़ बजे से बाकी बचे जोड़ों को गायत्री परिवार द्वारा विवाह की रस्में पूरी कराई गई।
गायत्री मंत्रों से शुरू हुई विवाह की रस्मों में पर्यावरण सरंक्षण के साथ ही खान-पान केसही तरीके और सात्विक जीवन के लिए प्रेरित किया गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह के लिए 550 जोड़ों की सूची बनी थी लेकिन पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग समय पर नहीं पहुंच पाए।
बंशी राव की शहनाई की आवाज दब गई
महिला बाल विकास विभाग ने इस बार जबलपुर के कासिम भाई को बुलाया था लेकिन उनके घर गमी होने के कारण जबलपुर के ही बंशी राव की शहनाई बज रही थी लेकिन माइक के शोर के बीच उनकी शहनाई की आवाज दब गई। उन्हें हर बार शहनाई बजाने से रोक दिया जा रहा था। जब मुख्यमंत्री आए उसी समय कुछ देर के लिए शहनाई बजी।
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Published on:
25 Feb 2020 09:27 pm
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