नाराज किसानों ने मंत्री को घेरा, कई जिलों में चक्काजाम

- बारदानों की कमी से खरीदी रुकने से भड़के हैं किसान
- खरीदी की समय-सीमा 29 फरवरी तक करने की मांग

By: Mithilesh Mishra

Published: 18 Feb 2020, 11:36 PM IST

रायपुर. सरकारी धान खरीदी के अंतिम सप्ताह में फैली अव्यवस्था की वजह से प्रदेश के कई जिलों में लगातार दूसरे दिन भी हंगामा जारी रहा। कवर्धा के किसानों ने मंगलवार को आवास, पर्यावरण एवं वन मंत्री मोहम्मद अकबर का घेराव कर दिया।

वन मंत्री बोडला नगर पंचायत के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे थे। कार्यक्रम से बाहर निकले मोहम्मद अकबर को भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा। किसान खरीदी केंद्रों में हो रही दिक्कतों के समाधान की मांग कर रहे थे। वन मंत्री ने किसानों को समझाने की कोशिश की। उन्हें समस्याएं दूर करने का आश्वासन दिए लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। बाद में पुलिस ने भीड़ को किनारे कर मंत्री के काफिले को बाहर निकाला।

व्यवस्था सुधरने के आश्वासन पर माने कोण्डागांव के किसानों ने मंगलवार को बहीगांव के पास फिर से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 को रोक दिया। करीब 3 घंटों तक इस सड़क पर आवाजाही रुकी रही। किसानों का कहना था, बारदाना उपलब्ध कराने के आश्वासन पर उन लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन रोका था। प्रशासन मंगलवार को भी बारदाना नहीं पहुंचा पाया। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद किसान सड़क से हटे। बस्तर के तोकापाल में करंजी धान खरीदी केंद्र के बाहर किसानों ने चक्काजाम किया। इस केंद्र पर बारदाना खत्म होने की वजह से धान खरीदी नहीं हो पा रही थी। किसानों से बात करने के बाद मार्कफेड के डीएमओ ने एक गटठर बारदाना वहां पहुंचवाया। उसके बाद खरीदी शुरू हो सकी।
रायगढ़ के धरमजयगढ़ धान खरीदी केंद्र में मंगलवार को पहुंचे किसानों को समिति प्रबंधक ने बताया कि वहां नया धान रखने की वजह नहीं है। उनके पास बारदाना भी नहीं है। ऐसे में सीमित किसानों से खरीदी हो पाएगी। नाराज किसानों ने केंद्र में नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ किसान रायगढ़-धर्मजयगढ़ मार्ग पर लेट गए। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों को किसी तरह शांत कराया। मार्कफेड के डीएमओ एक कोसरिया का कहना था, समिति प्रबंधक को बारदाना खत्म होने की जानकारी पहले देनी थी। वहीं धरमजयगढ़ केंद्र के प्रबंधक बीडी प्रधान का कहना था, उन्होंने कई बार बारदाना खत्म होने की जानकारी अधिकारियों को दी थी, लेकिन बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया। नवागढ़ में भी किसानों ने चककाजाम किया। झाल के किसानों ने करीब आधे घंटे तक नवागढ़-मुंगेली मार्ग को रोके रखा।
किसानों के नाराजगी की खबर से सरकार में हड़कंप मचा हुआ है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने मंगलवार सुबह खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह को फोन कर नाराजगी जताई। उन्होंने सचिव से शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को आ रही दिक्कतों के त्वरित समाधान का निर्देश दिया।
मंत्री की नाराजगी के बाद धान खरीदी केंद्रों पर बारदाना पहुंचाने की कवायद शुरू हुई है। खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक लेकर खरीदी केंद्रों में आ रही दिक्कतों की समीक्षा की। बाद मेंं उन्होंने बताया, कवर्धा में 97 हजार बारदाना भेजा जा रहा है। बिलासपुर में एक लाख 20 हजार बारदाना उपलब्ध है। वहां 25 हजार बारदाना भेजा भी गया है। बेमेतरा में 81 हजार नया बारदाना उपलब्ध कराया गया है। जिन जिलों में धान की खरीदी पूरी हो चुकी है, वहां से शेष बचे बारदानों को आसपास के जिलों में भेजा जाएगा।
खाद्य सचिव ने मंगलवार को सभी जिला संभाग आयुक्तों, कलेक्टरों और अपेक्स बैंक प्रबंधकों को पत्र भेजकर अंतिम दिनों में धान खरीदी की व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि धान लाने के लिए किसानों को 19 फरवरी तक टोकन जारी होगा। केंद्र पर आए धान की तुलाई और एंट्री 20 फरवरी तक कर लेने को कहा गया है। अंतिम समय में अवैध रूप से धान खपाने के प्रयासों को रोकने का भी निर्देश है।

Mithilesh Mishra Desk
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