Bitrd Flu Alert: भोरमदेव अभयारण्य में 3 दिन में 4 उल्लुओं की मौत से हड़कंप, सैंपल भेजे भोपाल

- विलुप्त हो रहे उल्लुओं की तलाश निकले थे अफसर
- जांच रिपोर्ट के बाद होगा मौत की वजह का खुलासा

By: Ashish Gupta

Updated: 18 Jan 2021, 01:31 PM IST

रायपुर. प्रदेश की बर्ड फ्लू (Bird Flu in Chhattisgarh) की पुष्टि होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पिछले दिनों भोरमदेव अभयारण्य से विलुप्त हो रहे उल्लुओं की तलाश वन अफसरों ने शुरू की। इस दौरान तीन दिनों में अलग-अलग स्थानों से 4 उल्लू का शव मिला है। वन अफसरों ने इन उल्लू का सैंपल लेकर भोपाल भेजा है और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी है।

अफसरों का कहना है कि अभयारण्य से विलुप्त हुए उल्लुओं की मौत कैसे हुई? इस सवाल का जवाब विभागीय अधिकारी रिपोर्ट आने के बाद कह रहे है। अफसरों ने अभयारण्यों में विचरण कर रहे पक्षियों की मूवमेंट और गणना दोनों करने का निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिया है।

कोरोना वैक्सीन को लेकर मैसेज, ईमेल-कॉल को लेकर रहें अलर्ट, साइबर ठग कर सकते हैं Fraud

रेंज में 7 पक्षियों की मौत
वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो भोरमदेव अभयारण्य के अलावा कवर्धा और आस पास के जिले में पिछले तीन दिनों में 4 मृत उल्लू वन विभाग के अधिकारियों को मिले है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले उल्लू का शव 14 जनवरी को श्रीराधाकृष्ण बड़े मंदिर स्थित तालाब किनारे मिला था। दूसरे उल्लू का शव 15 जनवरी को गांधी मैदान में, तीसरे और चौथे उल्लू का शव मजगांव रोड और गोदाना रिसोर्ट के पास पड़ा मिला। सप्ताह भर में रेंज में 7 पक्षियों की मौत हो चुकी है। लगातार पक्षियों की मौत होने से जिम्मेदार बर्ड फ्लू की आशंका जता रहे हैं।

16 सैंपल भेजे, एक भी रिपोर्ट नहीं
चिल्फी और कवर्धा इलाके में अब तक 16 पक्षियों की मौत हो चुकी है। सभी के सैंपल वन अफसरों और स्थानीय अधिकारियों ने भेजे है, लेकिन अब तक किसी भी सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो भोपाल स्थित लैब में सैंपल इतने पहुंचे है, कि रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है। रिपोर्ट में विलंब होता देखकर जिम्मेदार अब सैंपल पुणे (महाराष्ट्र) लैब में भेजने की बात कह रहे हैं।

बर्ड फ्लू केस मिलने के बाद प्रदेश में अलर्ट: नंदनवन 25 तक बंद, पक्षियों को संक्रमण से बचाने के लिए ग्रीन नेट

प्रवासी पक्षी आते है जिले में
डीएफओ दिलराज प्रभाकर ने बताया, कि कवर्धा में अब तक बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं है। अलर्ट की वजह से पक्षियों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। अलर्ट इसलिए भी क्योंकि दूसरे राज्यों से प्रवासी पक्षी कवर्धा में आते है। इनके आने से बर्ड फ्लू की आशंका बढ़ जाती है। प्रवासी पक्षी जिले में रहने के दौरान जंगलों में अंडे भी देते है। प्रवासी पक्षियों के मूवमेंट की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।

कवर्धा पशुधन विभाग के प्रभारी डॉ. पीएन शुक्ला ने कहा, बगुला, उल्लू, पकड़ी और मुर्गियां मिलकर अब तक 16 सैंपल जांच के लिए भेजे है। अब तक एक भी सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है। उल्लुओं का शव भी पिछले दिनों मिला है। उनका सैंपल भी जांच के लिए भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद पक्षियों की मौत का कारण पता चलेगा।

Show More
Ashish Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned