रायपुर : 6 महीने से ब्रिज निर्माण ठप, ढाई लाख लोग परेशान

जर्जर तेलघानी नाका पुल पर बढ़ी मुसीबत, जमीन का पेंच भी नहीं सुलझा

रायपुर. स्टेशन के करीब जर्जर तेलघानी नाका ओवरब्रिज बड़ी मुसीबत बन गई है। इस ब्रिज पर सुबह और शाम के समय लोगों का दम घुटता है। ट्रैफिक जाम एेसा कि एक छोर से दूसरे छोर तक एक जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। यहां से हर दिन करीब ढाई लाख वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद इस ओवरब्रिज के चौड़ीकरण का काम पिछले छह महीने से ठप पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि ब्रिज के रामनगर वाले हिस्से से न तो हनुमान मंदिर को शिफ्ट किया गया न ही समता कॉलोनी तरफ वाली सड़क के तरफ जो तेलघानी नाका चौक के करीब मिलती है, उस हिस्से की निजी जमीन का पेंच सुलझाने में जिम्मेदारों ने रुचि दिखाई। जबकि निर्माण डेढ़ पहले निर्माण शुरू कराया दिया गया था।
तेलघानीनाका पुल के रामनगर वाले हिस्से में सबसे अधिक ट्रैफिक जाम लग रहा है। उस जगह न तो सुबह के समय न ही शाम के समय सुधार की कोई व्यवस्था की गई। वही चोक से पहले तक ओवरब्रिज निर्माण रोक दिया गया। आधी सड़क घिरी हुई है। जबकि शहर के दोनों तरफ से आवाजाही बढऩे की स्थिति को देखते हुए 47 करोड़ 48 लाख की लागत से जर्जर ब्रिज का चौड़ीकरण कराने तथा 30 करोड़ 29 लाख की लागत से अंडरब्रिज निर्माण शुरू कराया गया। वह निर्माण लोगों के लिए दमघोटू साबित हो रहा है। प्लान के मुताबिक दोनों की ढाई लाख से अधिक आवादी को सुविधा तब मिलने लगती, जब ये दोनों प्रोजेक्ट का निर्माण तेजी से चलता, लेकिन बीच में ही शंकरनगर ओवरब्रिज जैसी स्थिति निर्मित हो गई हे। पिछले छह महीने से ओवरब्रिज का निर्माण पूरी तरह से ठप पड़ा है।


रोड चौड़ीकरण से तेजी से बढ़ा ट्रैफिक
रामनगर-कोटा रोड चौड़ीकरण होने के साथ ही तेजी से ट्रैफिक का दबाव तेलघानी नाका ब्रिज की तरफ बढ़ा है। फिर भी ब्रिज के दायरे में आ रहा निजी जमीन का पेंच सुलझाने की प्रक्रिया कछुआ गति से चल रही है। पिछली सरकार ने 2018 में निर्माण से पहले सर्वे कराया तो उसी दौरान निजी जमीन का पेंच सामने आ गया था, इसके बावजूद उसे सुलझाए बिना निर्माण शुरू करा दिया गया, जो अब पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। तेलघानीनाका का ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बन जाने पर जहां लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं स्टेशन चौक पर भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

केवल अंडरब्रिज का काम
ओवरब्रिज पर सबसे अधिक ट्रैफिक जाम होता है, उसके चोड़ीकरण का काम ठप पड़ा है। इस ब्रिज के नीचे बनने वाली अंडरब्रिज का ही काम चल रहा है। इसी ओवरब्रिज से ट्रेनें स्टेशन पहुंचती है और स्टेशन से दुर्ग की तरफ निकलती है। इसे देखते हुए पुराने ब्रिज का चौड़ीकरण और अंडरब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया था। रेलवे ने भी ड्राइंग डिजाइन की स्वीकृति दे दी है। लोक निर्माण विभाग का ब्रिज डिवीजन रेलवे पटरी के ५० मीटर के दायरे में निर्माण कराएगा।

तेलघानीनाका ओवरब्रिज का निर्माण जमीन अधिग्रहण की वजह से अटका हुआ है। जिसके निराकरण की प्रक्रिया चल रही है। अप्रैल तक यह काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। रामनगर तरफ एक छोटे मंदिर को भी शिफ्ट किया जाना है।
एसव्ही पडेगांवकर, कार्यपालन अभियंता, ब्रिज डिवीजन

Devendra sahu Desk
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