प्लाजमा थेरेपी की गाइडलाइन के लिए आईसीएमआर को चिट्ठी लिखेगी राज्य सरकार

सरकार के पास अभी सीधे आईसीएमआर की गाइडलाइन उपलब्ध नहीं है । 'पत्रिका' से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा कि जिस प्रकार से कोरोना की कोई सटीक दवा या इंजेक्शन मौजूद नहीं है । फिर भी जो दवाएं उपलब्ध हैं । उनसे मरीजों का इलाज कर रहे हैं और मरीजों मरीजों की जान बचाई जा रही है ।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 16 Sep 2020, 04:55 PM IST

रायपुर. प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोरोना मरीज को प्लाज्मा थेरेपी दी जा रही है । अब तक के नतीजों के अनुसार यह कारगर भी है और इससे मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार भी हो रहा है । मगर सरकारी अस्पतालों में अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है । जबकि सरकारी संस्थान चाहे वह अंबेडकर अस्पताल हो या फिर एम्स यहां सबसे ज्यादा गंभीर मरीज भर्ती हैं । ऐसे में राज्य सरकार को अपने संस्थानों में प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने के लिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च को चिट्ठी लिखने जा रही है ।

सरकार के पास अभी सीधे आईसीएमआर की गाइडलाइन उपलब्ध नहीं है । 'पत्रिका' से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा कि जिस प्रकार से कोरोना की कोई सटीक दवा या इंजेक्शन मौजूद नहीं है । फिर भी जो दवाएं उपलब्ध हैं । उनसे मरीजों का इलाज कर रहे हैं और मरीजों मरीजों की जान बचाई जा रही है । वैसे ही प्लाजमा थेरेपी भी है बिल्कुल सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा होनी चाहिए इस दिशा में प्रयास जारी है ।

व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए

प्लाजमा थेरेपी के रिस्पॉन्स को देखते हुए प्रदेश में कई जानकार लोग मरीजो को प्लाज्मा उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रयासरत है । संक्रमित गंभीर मरीज जिन्हें थेरेपी दी जानी है उनके व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं । साथ ही ऐसे लोग जो कोरोनावायरस से ठीक हो चुके हैं । उनका भी ग्रुप बनाया गया हैं ताकि जरूरतमंदों की मदद हो सके । रायपुर जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव अश्वनी बिग ने 'पत्रिका' से बातचीत में कहा कि उन्होंने भी लोगों को जोड़ा है ताकि इसको ना काल में मरीजों के मददगार बन सके क्योंकि यह बीमारी किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि वैश्विक है ।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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