लॉकडाउन इफैक्ट : 10 हजार लीटर दूध के ग्राहक नहीं

280 रुपए किलो वाला पनीर बेचा जा रहा 160 रुपए में

By: Gulal Verma

Published: 25 Sep 2020, 04:53 PM IST

भाटापारा। लॉकडाउन में होटल, स्वीट कॉर्नर व रेस्टोरेंट बंद होने का प्रभाव दूध व्यवस्था और दुग्ध उत्पाद सामग्रियों पर पड़ा है। 280 रुपए किलो वाला पनीर अब 160 रुपए किलो में बेजा जा रहा है। वहीं, ब्लाक में कुल उत्पादन में से लगभग 10 हजार लीटर दूध की मात्रा के लिए खरीदार नहीं है।
जिले में दुग्ध उत्पादन में लगभग 50 फीसदी हिस्सा भाटापारा ब्लॉक के नाम पर दर्ज है। यहां से न केवल दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर को आपूर्ति होती है, बल्कि राज्य दुग्ध महासंघ को भी दूध बेचा जाता है। लेकिन, लॉकडाउन ने खरीदी की मात्रा सीमित कर दी है। वहीं, मिल्क काउंटर का समय घटाने से रही-सही कसर भी पूरी हो चुकी है। दुग्ध उत्पादन तो पहले जैसे ही बना हुआ है, लेकिन उत्पादन के विक्रय के लिए बाजार नहीं है। इसलिए दूध उत्पादक बचा हुआ दूध पनीर बनाकर बेचने के विकल्प पर काम कर रहे हैं, लेकिन इसमें भी खरीदार नहीं है। वहीं, उत्पादन घटाने की सलाह इसलिए नहीं दी जा सकती, क्योंकि वर्तमान स्तर को फिर से वापस लाने में महीनों लगेंगे। मिल्क बूथ काउंटर का समय बढ़ाने की अनुमति देना वर्तमान परिस्थितियों में संभव नहीं है।


डेयरियों को प्रतिकूल परिस्थितियों में धैर्य रखने की जरूरत है। उत्पादन कम करने का फैसला भविष्य के लिए सही नहीं है। काउंटर का समय बढ़ाने की मांग करने की बजाय इस संकटकाल में प्रशासन का सहयोग करें।
- डॉ. सीके पांडे, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, बलौदाबाजार

Gulal Verma Desk
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