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Kaam ki Baat: जमीन और मकान की खरीदी-बिक्री के नियमों में हुआ बदलाव, रखना होगा इन बातों का ध्यान

Kaam ki Baat: दूसरे की भूमि अब कोई और नहीं बेच पाएगा। इसके लिए पंजीयन विभाग को प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के साथ संपत्ति की सेल्फी भी विक्रेता और क्रेता को अटैच करना पड़ेगा।

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Kaam ki Baat: जमीन और मकान की खरीदी-बिक्री के नियमों में हुआ बदलाव, रखना होगा इन बातों का ध्यान

रायपुर. Kaam ki Baat: दूसरे की भूमि अब कोई और नहीं बेच पाएगा। इसके लिए पंजीयन विभाग को प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के साथ संपत्ति की सेल्फी भी विक्रेता और क्रेता को अटैच करना पड़ेगा। इसके अलावा 1 जनवरी से किए जा रहे बदलाव से पंजीयन विभाग ने जमीन व मकान की खरीदी-बिक्री में होने वाली गड़बड़ी की गुंजाईश को खत्म कर दिया है।

पंजीयन विभाग ने अवैध प्लॉटिंग और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नियम में अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत किसी भी प्लॉट, जमीन या मकान का बिना निगम टैक्स चुकाए रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। रजिस्ट्री के साथ टैक्स रसीद अनिवार्य रूप से लगाना होगा। अब ऐसे में किसी भी प्लॉट को बेचने से पहले नगर निगम को जानकारी देना जरूरी होगा। इससे निगम की आय तो बढ़ेगी ही और अवैध प्लॉटिंग की जानकारी खुद ब खुद नगर निगम को मिल जाएगी। इससे पहले सिर्फ मकान या दुकान की रजिस्ट्री होने पर ही टैक्स रसीद मांगी जाती थी। हालांकि इसका विरोध शुरू हो गया है।

पूर्व में सिर्फ इतने दस्तवेज देना होता था
इससे पहले रजिस्ट्री के लिए भुईंया सॉफ्टवेयर के मुताबिक बी-1, खसरा, नक्शा ऋण पुतिका, विक्रेता-क्रेता का पैनकार्ड और आधारकार्ड, दो गवाहों का आधार कृषि भूमि के लिए जरूरी है। डायवर्टेड भूमि है तो उसका बी-1 व मकान या दुकान का भी डायवर्सन लेटर। यदि टीएनसी प्रोजेक्ट है तो अपार्टमेंट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कवरिंग लेटर जरूरी होता था। अब भी इन दस्तावेजों के अलावा नई शर्तों को अलग से जोड़ा गया है।

स्पॉट निरीक्षण करना संभव नहीं
नियमानुसार संपत्तियों की रजिस्ट्री में उप पंजीयक को स्पॉट निरीक्षण कर रिपोर्ट देना होता था। अब सेल्फी लेकर जमा करने के सिस्टम से उप पंजीयकों का समय भी बचेगा और विभाग के पास से प्रूफ भी होगा कि क्रेता या विक्रेता ने उक्त भूमि की रजिस्ट्री के लिए फोटो प्रस्तुत किया है।

रायपुर के मुख्य पंजीयक बीएस नायक ने कहा, जमीन व मकान की रजिस्ट्री के लिए कुछ शर्तें जोडी गईं हैं। जिससे दोनों पक्षकारों को सुविधा होगी और गड़बड़ियों पर भी रोक लग पाएगी।

रखना होगा इन बातों का ध्यान

- नगर निगम की टैक्स रसीद लगाना होगा जरूरी।
- क्रेता या विक्रेता द्वारा संबंधित विक्रय की जाने वाली भूमि/भवन/दुकान के साथ फोटो।
- बी-1 खसरा पांचसाला व पी2 खतौनी विवरण डिजिटल वाला ही होगा संलग्न।
- प्राइवेट लि. कंपनी व अन्य जिसमें भागीदार हैं, तो कंपनी द्वारा हस्ताक्षर करने के लिए आवश्यक रूप से रिज्युलेशन लेटर (प्रस्ताव/संकल्प पत्र) लगाना होगा।
- सभी अधिवक्तागण दस्तावेजों के साथ मेमो/वकालतनामा लगाना अनिवार्य होगा।