बारदाने पर सदन में हंगामा: नेता प्रतिपक्ष बोले- बारदाने को लेकर भ्रम फैला रही थी सरकार, CM ने यूं दिया जवाब

- बारदाने की खरीदी को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा
- विपक्ष के सवालों से घिरे मंत्री, मुख्यमंत्री को बचाव में उतरना पड़ा

By: Ashish Gupta

Published: 08 Mar 2021, 09:18 PM IST

रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र (Chhattisgarh Budget Session) में सोमवार को बारदाने की खरीदी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। स्थिति यह थी कि विपक्ष के आक्रामक तेवर से सहकारिता मंत्री सवालों में घिरते नजर आए। इस पर मुख्यमंत्री को सरकार की ओर से वस्तु स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि मंत्री के जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार बारदाना उपलब्ध नहीं कराता है। जबकि इसे लेकर सरकार लगातार भ्रम फैला रही थी।

इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि धान खरीदी वाले राज्यों के साथ बैठक कर जूट कमिश्नर बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि जितने गठान बारदाने की सहमति मिली थी, उतने बारदाने भी उपलब्ध नहीं कराए गए। बावजूद इसके किसानों से बारदाना लेकर प्रदेश में रेकॉर्ड 92 लाख टन से अधिक धान खरीदी की गई है।

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प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और रजनीश कुमार सिंह के जवाब में सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बारदाना उपलब्ध नहीं कराया जाता है। इस पर नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि सरकार ने माना है कि केन्द्र सरकार बारदाना उपलब्ध नहीं कराती है। बावजूद इसके पूरी सरकार हाय तौबा मचा रही थी। केन्द्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी।

उन्होंने पूछा कि कितने गठान बारदाने की जरूरत थी, और कितना प्राप्त हुआ? सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि साढ़े तीन लाख से अधिक गठान बारदाने की जरूरत थी। 1 लाख 45 हजार गठान बारदाना पर सहमति बनी। उसमें भी 1.9 लाख गठान बारदाने मिले हैं। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि क्या जूट कमिश्नर से बारदाना लेने की बाध्यता है? इसके जवाब में सहकारिता मंत्री ने बताया कि पूर्व से जूट कमिश्नर के माध्यम से बारदाना लेने की परम्परा चली आ रही है।

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बारदाने की खरीदी दर से ही किसानों को पैसा वापस हो
विपक्ष ने किसानों के बारदाने के एवज में वापस कीजिए आने वाली राशि का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। विपक्ष ने मंत्री से पूछा कि केंद्र सरकार से बारदाने की खरीदी किस दर में की गई है। मंत्री ने बताया 58 रूपए की दर से बारदाने की खरीदी हुई है। विपक्ष की मांग थी कि किसानों को इसी दर से बारदाने का भुगतान किया जाए। इस पर मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से नए बारदानों की खरीदी हुई थी जबकि किसानों के पुराने बारदाने थे। मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले सालों में किसानों को बारदाने की कीमत 15 रुपए से भी कम मिलती थी।

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