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सीएम भूपेश बघेल ने जब नक्सली कमांडर रहे मड़कम को लगाया गले

मड़कम मुदराज ने मुख्यमंत्री को सुनाई आपबीती बोले- अब मेरे बच्चे पढ़ रहे इंग्लिश मीडियम स्कूल में, जी रहे अच्छी लाइफ स्टाइल
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सीएम भूपेश बघेल ने जब नक्सली कमांडर रहे मड़कम को लगाया गले

सीएम भूपेश बघेल ने जब नक्सली कमांडर रहे मड़कम को लगाया गले

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा नक्सल प्रभावित बस्तर में किए गए विकास कार्यों से गदगद हैं कभी नक्सली कमांडर रहे मड़कम मुदराज। मड़कम जब सीएम भूपेश बघेल से मिले तो कह उठे- 'मुख्यमंत्री जी आपने सड़क, कैम्प और स्कूलों को सुधारकर बदल दी है नक्सल प्रभावित इलाके की तस्वीर।'

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सुकमा जिले के कोंटा में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मड़कम ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आपबीती सुनाई और कहा कि मैं आपसे हाथ मिलाना चाहता हूं। इस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से मड़कम के कंधे पर हाथ रखा और हाथ भी मिलाया। मुख्यमंत्री ने मड़कम के मुख्यधारा में लौटने पर सराहना की और उनके लिए ताली भी बजवाई। बता दें कि मड़कम के हाथों में बंदूक पहले भी थी और आज भी है। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले खौफ ग्रामीणों में था और आज नक्सली इनके नाम से कांपते हैं।
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मड़कम ने बताया कि वे राह भटककर नक्सली संगठन में शामिल हो गए थे। लेकिन अपने ही भाई बन्धुओं का खून बहाने से आत्मग्लानि के चलते नींद नहीं आती थी। फिर एक दिन आत्मसमर्पण करने की ठान ली। आत्मसमर्पण के बाद एसपीओ बने। इसके बाद सिपाही, एएसआई, एसआई और अब डीआरजी में इंस्पेक्टर हैं। मड़कम बताते हैं कि कभी उनकी पत्नी भी उनके साथ संगठन में थीं। वे ही उसे ट्रेनिंग देते थे, लेकिन हम दोनों ने तय किया कि अब खून-खराबे की जिंदगी नहीं जीना है। जिनके खिलाफ हमने बन्दूक उठाई है वे हमारे ही भाई-बहन हैं। मुख्यधारा में लौटकर अच्छा जीवन जीना है।
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मड़कम कहते हैं कि आज वे उच्च पद पर पहुंच गए हैं। सैलरी भी अच्छी है। इस कारण बच्चों को अच्छे से पढ़ा पा रहे हैं। मेरे तीनों बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहे हैं और अच्छी लाइफ स्टाइल जी रहे हैं। अगर आज नक्सली संगठन में होता तो इन सब चीजों की कल्पना भी नहीं कर सकता था।
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