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TS सिंहदेव के दिल्ली दौरे पर सीएम बोले, आना-जाना लगा रहता है

- भाजपा के आरोपों को सिरे से किया खारिज- अंबिकापुर घटना पर दिल्ली दौरा छोड़कर पहुंचे से सिंहदेव, फिर गए दिल्ली

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रायपुर. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के दिल्ली दौरे को लेकर विपक्ष लगातार हमलावार है। विपक्ष का आरोप है कि कुर्सी की लड़ाई की वजह से प्रदेश में अस्थिरता का माहौल है। बस्तर प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर कहा, कुर्सी की कोई लड़ाई नहीं है। आप लोग तो लॉकडाउन ही लगाए रखना चाहते हैं। लॉकडाउन समाप्त हो गया है। अब आना-जाना लगा रहता है। बस्तर दशहरा में कितनी भीड़ थी। रायपुर के रावण दहन में भी भीड़ थी। लॉकडाउन हमेशा नहीं लगाए रखना चाहिए।

बता दें मुख्यमंत्री बघेल 16 अक्टूबर को दिल्ली में सीडब्ल्यूसी (CWC Meeting) की बैठक में शामिल होने गए थे। उनके आने से पहले स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दिल्ली के लिए उड़ान (Chhattisgarh Politics) भरी। दूसरे दिन अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद सिंहदेव रविवार को अपना दिल्ली दौरा बीच में छोड़कर अंबिकापुर पहुंचे और सोमवार को फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में उन्होंने कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी की है।

सब कंट्रोल में तो क्यों मारे जा रहे नागरिक व जवान
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही आतंकी घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री ने पहले कहा, नोटबंदी से आतंकवाद और कालाधन समाप्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फिर उन्होंने कहा, धारा 370 हटा देंगे तो वहां से आतंकवाद समाप्त हो जाएगा। इन्होंने न केवल 370 हटाया, बल्कि जम्मू-कश्मीर को जो राज्य का दर्जा था वह भी खत्म कर दिया। ये पहले प्रधानमंत्री हैं जिनके कार्यकाल में राज्यों की संख्या घटी है। उन्होंने कहा, जब आप दावे कर रहे हैं कि वहां सब कंट्रोल में है तो लगातार हमारे जवान और नागरिक शहीद क्यों हो रहे हैं।

मोहन भागवत कन्फ्यूज
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) के जनसंख्या संबंधी भाषण पर मुख्यमंत्री ने कहा, एक बार वे कहते हैं कि हिंदुस्तान में सभी का डीएनए एक है। फिर योगी आदित्यनाथ अब्बा जान की बात क्यों करते हैं। जनसंख्या नियंत्रण की बात में भी केवल एक वर्ग को टारगेट किया जा रहा है। वो खुद कन्फ्यूज हैं। वो अपनी बात का ही खंडन करते हैं।