स्लीपर वेटिंग टिकट लेते वक्त अगर नहीं की है यह भूल, तो थर्ड एसी क्लास में मिल सकता है सफर करने का मौका

  • आईआरसीटीसी ने क्लास अपग्रेडेशन का दिया विकल्प

By: ashutosh kumar

Updated: 08 Apr 2021, 07:19 PM IST

अगर आप ट्रेन में सफर करने वाले हैं औ और आप अपनी टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुक करते हैं तो आप ट्रेन में स्लीपर की टिकट पर थर्ड एसी में भी सफर कर सकते हैं। यह संभव हो पाया है इंडियन रेलवे के अपग्रेडेशन सिस्टम के कारण। इसके तहत स्लीपर क्लास के पैसेंजर्स थर्ड एसी में और थर्ड एसी के पैसेंजर्स सेकंड एसी में ट्रैवल कर सकते हैं। वह भी बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के। आईआरसीटीसी ने यात्रियों को यह सौगात दी है। इसके तहत आईआरसीटीसी के वेबसाइट के जरिए बुक किया वेटिंग टिकट अपने आप अपग्रेड हो जाएगा। यह स्लीपर से एसी में और थर्ड एसी का टिकट सेकंड एसी में अपगे्रड हो सकता है। इसमें शर्त सिर्फ इतना है कि संबंधित ट्रेन में सीट खाली होनी चाहिए।
इस सुविधा में कंफर्म सीट सिर्फ उन्हीं पैसेंजरों को मिलती है जिनके पास वेटिंग टिकट होती है। इसके अलावा बाकी सीटों को तत्काल में शिफ्ट कर दिया जाता है। वहीं अगर टिकट अपग्रेड होने के बाद पैसेंजर किसी कारण से उसे कैंसिल करवाता है तो सिर्फ ओरिजनल क्लास का चार्ज ही काटा जाता है। अगर टिकट बुक करते समय अपग्रेड के विकल्प में नो का ऑप्शन भरा जाए तो टिकट अपग्रेड नहीं होती।

  • ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर क्लास अपग्रेडेशन
    कोरोनाकाल में रेग्युलर ट्रेनों का परिचालन बंद है लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने के दौरान आईआरसीटीसी यात्रियों को क्लास अपग्रेडेशन का ऑप्शन दे रहा है। ऑटो अपग्रेडेशन के तहत रेलवे पूरा किराया देने वाले वेटिंग पैसेंजर के टिकट को उच्च श्रेणी में खाली सीटों पर अपग्रेड करती है। खास बात यह है कि इसके लिए पैसेंजर्स को अतिरिक्त किराया भी नहीं चुकाना होता है। ध्यान रहे यदि किसी पैसेंजर ने टिकट बुकिंग के दौरान अपग्रेडेशन सिस्टम के ऑप्शन पर नो को चुना है, तो उसका पीएनआर अपग्रेडेशन लिस्ट में नहीं रहता है। वह बाहर हो जाता है। सीट खाली होने के बाद भी ऐसे पैसेंजर का टिकट अपग्रेड नहीं हो सकता।
  • सीनियर सिटिजन और फ्री पास को नहीं मिलेगा सुविधा का लाभ
    आईआरसीटीसी ने अपने वेबसाइट में यह ऑप्शन पैसेंजर्स की असुविधा को देखते हुए अपडेट किया है। पहले पूरा किराया देने के बाद भी यदि टिकट वेटिंग का है तो चार्ट बनते ही कैंसिल हो जाता था। वे चाहकर भी जर्नी नहीं कर पाते थे। अब उन्हें राहत मिल जाएगी। कम से कम सीट अवेलेबल होने पर क्लास अपग्रेड हो जाएगा। वहीं छूट वाले टिकट, फ्री पास होल्डर और सीनियर सिटिजन का टिकट अपग्रेड नहीं होगा।

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एक क्लास ऊपर होता है अपग्रेडेशन

  • आईआरसीटीसी के मुताबिक टिकट पर अपग्रेडेशन एक क्लास ऊपर की श्रेणी में ही किया जाता है। स्लीपर क्लास से थर्ड एसी, थर्ड एसी से सेकंड एसी और सेकंड एसी से फस्र्ट एसी जा सकते हैं।
  • इस स्कीम के तहत कन्फर्म सीट की सुविधा सिर्फ वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को ही दी जाती है। ट्रेन की बाकी बची हुई सीटों को बुकिंग के लिए करंट काउंटर में शिफ्ट कर दिया जाता है।
  • कैसे होता है अपग्रेड?
    यात्रियों से उनसे बिना पूछे उनकी टिकट को अपग्रेड कर दिया जाता है। स्लीपर को एसी कोच में मिलता है। अगर यात्री फॉर्म भरने के दौरान ऑप्शन फॉर अपगेड्रेशन में 'नोÓ का चुनाव करता है तो उसके पीएनआर को पीआरएस (यात्री आरक्षण प्रणाली) की ओर से अपग्रेडेशन के लिए नहीं चुना जाता है। टिकट अपग्रेड होने के बाद भी पीएनआर नंबर पहले वाला ही बना रहता है।
  • चार्ट तैयार करने के दौरान पीआरएस की ओर से ऑटोमेटिकली अपग्रेडेशन कर दिया जाता है। ट्रेन कंडक्टर और टिकट एग्जामनर के पास किसी भी यात्री के टिकट को किसी ट्रेन में अपग्रेड करने का कोई अधिकार नहीं होता है।
  • अगर यात्री ने जिसकी टिकट को अपग्रेड किया जा चुका है और उसने अपनी टिकट को कैंसिल कर दिया है, तो उसे ओरिजनल क्लास के लिए सिर्फ कैंसिलेशन चार्ज का भुगतान करना होता है।
  • स्कीम के तहत सिर्फ वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को कंफर्म सीट दी जाती है। शेष सीटों की बुकिंग पहले से मौजूद प्रक्रिया के तहत मौजूद काउंटर से होती है। यदि ट्रेन में किसी तरह का वेटिंग लिस्ट नहीं है तो किसी टिकट का अपग्रेडेशन नहीं होगा।
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