रेल मंत्री पीयूष गोयल के बयान को सीएम भूपेश ने बताया आधारहीन, सोशल मिडिया में भिड़ंत

ट्वीटर पर श्रमिकों को लेकर राजनीति: रेलमंमत्री बोले- श्रमिक स्पेशल ट्रेन की अनुमति नहीं दे रही सरकार, सीएम बघेल बोले- आधारहीन है बयान.

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 16 May 2020, 12:25 AM IST

रायपुर . विभिन्न प्रदेशों से जैसे-तैसे बुरे हालातों में लौट रहे मजदूरों के जख्मों पर सियासत शुरू हो गई है। इन हालातों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की हो रही फजीहत के बीच रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गैर भाजपा शासित राज्यों पर मजदूरों की अनदेखी का आरोप लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय रेल मंत्री को चुनौती देते हुए कहा है, गोयल सार्वजनिक रूप से गलतबयानी कर रहे हैं। यह बयानबाजी ट्वीटर पर हुई।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार सुबह ट्वीटर पर लिखा, रेलवे रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाकर कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिये तैयार है। मुझे दुख है कि कुछ राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ व झारखंड की सरकारों द्वारा इन ट्रेनों की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे श्रमिकों को घर से दूर कष्ट सहना पड़ रहा है। थोड़ी देर बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसी प्लेटफार्म पर पीयूष गोयल पर पलटवार किया।

मुख्यमंत्री ने लिखा, छत्तीसगढ़ की ओर से 30 ट्रेनों की अनुमति मांगी गई है और हमें अब तक सिर्फ़ 14 मिली हैं। ट्रेनों के लिए हम कऱीब 1.17 करोड़ का भुगतान भी रेलवे को कर चुके हैं। रेलवे या किसी राज्य की ओर से कोई प्रस्ताव हमारे पास लंबित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्रीय रेल मंत्री का बयान तथ्यहीन और आधारहीन है। इन ट्रेनों के आने के बाद हम बचे हुए श्रमिकों का हिसाब लगाकर जरूरत के हिसाब से और ट्रेनों की अनुमति मांगेंगे।

रमन भी बोले-कुछ कहता हूं तो बुरा मान जाते हैं
इधर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा हम मजदूरों की वापसी को लेकर बनी कार्ययोजना की जानकारी हमेशा मांगते रहे हैं, लेकिन इसे सरकार ने कभी सार्वजनिक नहीं किया। जब मैं कुछ कहता हूं, तो वे बुरा मान जाते हैं और सलाहकार जवाब देते हैं। मुख्यमंत्री ने कभी भी ट्रेनों को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल के बयान को सीएम भूपेश ने बताया आधारहीन, सोशल मिडिया में भिड़ंत

केंद्र को बताया जिम्मेदार
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, नियोजित लॉकडाउन की वजह से ही श्रमिक मुसीबत में फंसे। फिर उनसे टिकट के पैसे भी मांगे गए। सोनिया गांधी के निर्देश पर हम मज़दूरों का किराया चुका रहे हैं। मजदूर जो कष्ट और पीड़ा झेल रहे हैं उसके लिए उत्तरदायी राज्य नहीं हैं। राज्यों पर दोष मढऩा ठीक नहीं।

सरकार ने ही बताया है 29 ट्रेनें मंजूर
मुख्यमंत्री के 30 ट्रेन मांगने पर केवल 14 ट्रेन की मंजूरी वाले बयान ने राज्य सरकार की सूचनाओं में ही गफलत पैदा कर दी है। सरकार ने 9 मई को 4 ट्रेनों की मंजूरी मिलने की पहली सूचना दी थी। उसके बाद 10 मई को 10 ट्रेन, 12 मई को 21 ट्रेन और 14 मई को 29 ट्रेन मंजूर होने की जानकारी जनसंपर्क विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर दी गई है।

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