बिना ग्रेडिंग वाले कॉलेजों को नए सत्र से नहीं मिलेगा यूजीसी का अनुदान, प्रदेश के 50 से ज्यादा कॉलेजों पर संकट

अभी तक ये संस्थाएं यूजीसी के दो एफ और प्लान 12बी में शामिल नहीं हैं। उच्च शिक्षा आयुक्त ने पिछले दिनों वेबीनार में संबोधन के दौरान संस्थाओं को तत्काल पंजीयन कराने का निर्देश दिया है। यूजीसी व नैक की ग्रेडिंग से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का पता चलता है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 28 Jun 2020, 04:25 PM IST

रायपुर. नैक ग्रेडिंग के बिना प्रदेश में महाविद्यालय का संचालन करके अनुदान लेने वाले संचालकों पर कार्रवाई करने की तैयारी उच्च शिक्षा विभाग ने कर ली है। जिन कॉलेजों के पास नैक की ग्रेडिंग नहीं होगी, उनको यूजीसी के अनुदान से वंचित रखा जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इनका अनुदान रोकने खाका तैयार कर लिया है।

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 50 से ज्यादा कॉलेजों में इस नए आदेश के बाद संकट खड़ा हो जाएगा। जिन संचालकों ने नए कॉलेज खोले होंगे उन्हें भी अनुदान नहीं मिलेगा। अभी तक ये संस्थाएं यूजीसी के दो एफ और प्लान 12बी में शामिल नहीं हैं। उच्च शिक्षा आयुक्त ने पिछले दिनों वेबीनार में संबोधन के दौरान संस्थाओं को तत्काल पंजीयन कराने का निर्देश दिया है। यूजीसी व नैक की ग्रेडिंग से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का पता चलता है। इसके आधार पर ही राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से अनुदान मिलता है।

ग्रेडिंग सुधारने का निर्देश

उच्च शिक्षा आयुक्त ने बुधवार को आयोजित वेबीनार में प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के जिम्मेदारों को ग्रेडिंग सुधारने के लिए निर्देश दिया है। आयुक्त का कहना है कि विश्वविद्यालय-महाविद्यालय में अच्छी पढ़ाई और सुविधा होगी, तो विद्यार्थी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। नैक की टीम के दौरे से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का निर्देश आयुक्त ने दिया है।

योजनाओं के आधार पर अनुदान विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को यूजीसी से मिलता है। यूजीसी ने अनुदान देने की प्रक्रियाओं में कुछ बदलाव किया है, उसी के आधार पर काम किया जा रहा है।

- शारदा वर्मा, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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