एसडीएम पर गलत रिपोर्ट बनाने का आरोप लगाकर समिति ने धान खरीदी कर दी बंद

देवभोग. निष्टीगुड़ा समिति में बुधवार को एसडीएम की जांच में 3385 बोरा धान अधिक और 3053 बारदाना कम मिलने पर समिति अध्यक्ष ने सवाल उठाया है।

देवभोग. निष्टीगुड़ा समिति में बुधवार को एसडीएम की जांच में 3385 बोरा धान अधिक और 3053 बारदाना कम मिलने पर समिति अध्यक्ष ने सवाल उठाया है। जांच रिपोर्ट के विरोध में गुरुवार को समिति संचालक मंडल ने धान खरीदी बंद कर दी। साथ ही खरीदे गए धान का पुन: भौतिक सत्यापन कराने की मांग समिति ने प्रशासन से की है।
एसडीएम भूपेन्द्र साहू ने बुधवार को निष्टीगुड़ा समिति में निरीक्षण के दौरान 3385 बोरा धान की मात्रा ज्यादा पाई थी। वहीं एसडीएम की जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ था कि समिति को 8386 पुराने बारदाने जारी किए गए थे। टीम ने जब सत्यापन किया तो उन्हें 3053 बारदाने कम मिले। एसडीएम की जांच के बाद निष्टीगुड़ा समिति के अध्यक्ष सदन राम नायक ने जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़ा कर दिया है। निष्टीगुड़ा के संचालक मंडल ने गुरुवार को निर्णय लेते हुए धान खरीदी बंद कर दिया।
समिति अध्यक्ष का कहना है कि अभी भी संग्रहण केन्द्र में खरीदी की गई 15410 बोरी धान ही रखी गई है। ऐसे में जिस तरह से जांच रिपोर्ट में 3385 बोरी धान ज्यादा होने का जिक्र किया गया है वह गलत है। मामले की जानकारी कलेक्टर व एसडीएम को दी जा रही है कि जब तक संग्रहण केन्द्र में खरीदे गए धान के बोरों का पुन: भौतिक सत्यापन नहीं किया जाएगा, तब तक धान खरीदी शुरू नहीं करेंगे। वहीं समिति के अध्यक्ष ने निरीक्षण में पहुंचे जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक देवभोग के मैनेजर एन.एस.ठाकुर को भी मामले की जानकारी देते हुए पुन: खरीदी की गई धान के बोरों का भौतिक सत्यापन करने की मांग उनके पास रखी।

9 किसान धान लेकर पहुंचे, लेकिन नहीं हुआ तौल
मामले में समिति के खरीदी प्रभारी झझकेतन सोनवानी ने बताया कि 9 किसानों को 457 क्ंिवटल 60 किलो का टोकन जारी किया गया था। वहीं 9 किसान धान लेकर भी संग्र्रहण केन्द्र पहुंचे। समिति के पदाधिकारियों द्वारा लिए गए निर्णय के बाद धान खरीदी सुबह से ही शुरू नहीं हो पाया। जिसके बाद किसानों ने अपना धान संग्रहण केन्द्र में रख दिया और उसकी रखवाली खुद ही करने लगे। नाराज किसानों ने कहा कि धान खरीदी बंद होने के कारण उन्हें बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान लेकर वे संग्रहण केन्द्रों तक तो पहुंच गए है, लेकिन जिस तरह से धान खरीदी एकाएक बंद कर दी गई जिसके बाद किसानों की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि समिति के अध्यक्ष सदन राम नायक का कहना हैं कि जब तक पुन: संग्रहण केन्द्र में रखे धान के बोरों का भौतिक सत्यापन नहीं होगा, जब तक समिति किसी भी शर्त में खरीदी प्रारंभ नहीं करेगी।

समिति द्वारा लिया गया निर्णय गलत है। संदेह के आधार पर एसडीएम द्वारा पंचनामा बनाया गया है। वहीं जांच के बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी। मामले में मैंने अधिकारी से जानकारी ली है। मुझे अधिकारी द्वारा बताया गया हैं कि खरीदी के लिए किसी को मना नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में खरीदी बंद करना उचित नहीं है।
सुखचंद्र बेसरा,अध्यक्ष, ब्लाक कांग्रेस कमेटी देवभोग

मैंने किसी को खरीदी के लिए मना नहीं किया है। वहीं जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए थे, मैंने उसी का ही पंचनामा तैयार कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित किया है। यदि समिति वाले भौतिक सत्यापन की मांग पुन: कर रहे हैं, तो उच्च कार्यालय को मामले से अवगत करवाया जाएगा। वहां से जो भी निर्देंंश प्राप्त होगा, उसी आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
भूपेन्द्र साहू, एसडीएम, देवभोग

एसडीएम के जांच में 3385 बोरी धान ज्यादा पाया गया है। जबकि संचालक मंडल का कहना हैं कि जितनी धान की खरीदी की गई है, उतना ही धान मौके पर मौजूद है। संचालक मंडल के अनुसार जब तक पुन: धान के बोरों का भौतिक सत्यापन नहीं किया जाएगा तब तक धान की खरीदी शुरू नहीं की जाएगी। मैंने मामले की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को दे दी है।
झशकेतन सोनवानी, खरीदी प्रभारी, निष्टीगुड़ा सग्रहण केन्द्र

शासन की धान खरीदी नीति फ्लाप हो रही है। छापामारी कार्रवाई कर किसानों को चोर साबित कर रहे है। मुझे जानकारी मिली है कि निष्टीगुड़ा समिति के पदाधिकारियों ने धान नहीं खरीदने का निर्णय लेते हुए खरीदी बंद कर दिया है। कलेक्टर से चर्चा कर उचित कदम उठाने को कहा जाएगा। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
चंदूलाल साहू,पूर्व सांसद, महासमुंद लोकसभा क्षेत्र

dharmendra ghidode Desk/Reporting
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