लापरवाही: बिना जांच मासूम को बताया कोरोना पॉजिटिव, 5 घंटे बाद स्वीकारी गलती

दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के पुरदा गांव की डेढ़ साल की मासूम बच्ची को स्वास्थ्य विभाग ने बिना सैंपल लिए बिना जांच किए ही कोरोना पॉजिटिव बता दिया।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 18 Sep 2020, 07:59 AM IST

भिलाई. दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के पुरदा गांव की डेढ़ साल की मासूम बच्ची को स्वास्थ्य विभाग ने बिना सैंपल लिए बिना जांच किए ही कोरोना पॉजिटिव बता दिया। जिले की कोविड पॉजिटिव की सूची में बच्ची का नाम भी जोड़ दिया। यही सूची लेकर पटवारी और गांव का कोटवार अल सुबह बच्ची के घर पहुंचे तो पिता का दिल डर से बैठ गया। उन्होंने बताया, मेरी बच्ची को मामूली खांसी थी।

जब सैंपल नहीं दिया, जांच नहीं हुई तो वो कैसे पॉजिटिव हो गई। पिता के हर तर्क के जवाब में पटवारी स्वास्थ्य विभाग की सूची दिखाते रहे। लाचार पिता 5 घंटे तक लचर व्यवस्था से जूझता रहा। डॉक्टर से लेकर अस्पताल और न जाने कितने लोगों को कितनी बार फोन लगाया। अंत में एक दिन पहले बच्ची के मामूली खांसी की मेडिकल पर्ची दिखाई। तब जाकर अफसरों ने माना गलती सिस्टम से हुई है।

मानवीय त्रुटि
सूचना सीएमएचओ कार्यालय से आई थी। हमारा काम सिर्फ सूची को ट्रेस करना होता है। ताकि मरीज समय पर अस्पताल पहुंचे। मानवीय त्रुटि से बच्ची का नाम लिस्ट में आ गया होगा।
राम कुमार सोनकर, तहसीलदार धमधा

रायपुरः 24 घंटे बाद न मैसेज, न संपर्क
रायपुर. मठपुरैना निवासी 44 वर्षीय व्यक्ति ने कोरोना के लक्षण दिखने पर बुधवार को दोपहर रैपिड एंटीजन किट से जांच कराया था। वहां कर्मचारियों ने उनको मौखिक रूप से बता दिया कि वे पॉजिटिव हैं। पीड़ित का नाम स्वास्थ्य विभाग की पॉजिटिव लिस्ट में भी शामिल हो गया, लेकिन गुरुवार देर रात तक विभाग की तरफ से ना रिपोर्ट का कोई मैसेज आया न किसी ने फोन कर तबीयत पूछी।

कहां भर्ती होना है या होम आइसोलेशन में रहना है यह भी नहीं बताया। पीड़ित स्वविवेक से घर में रहकर एक निजी डॉक्टर की सलाह से अपना इलाज कर रहा है। राजधानी में ऐसे दर्जनों मरीज हैं, जो रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। कुछ संदिग्ध तो रिपोर्ट के लिए आरटी-पीसीआर से दोबारा जांच करा रहे हैं।जब सैंपल नहीं दिया, जांच नहीं हुई तो वो कैसे पॉजिटिव हो गई।

पिता के हर तर्क के जवाब में पटवारी स्वास्थ्य विभाग की सूची दिखाते रहे। लाचार पिता 5 घंटे तक लचर व्यवस्था से जूझता रहा। डॉक्टर से लेकर अस्पताल और न जाने कितने लोगों को कितनी बार फोन लगाया। अंत में एक दिन पहले बच्चों के मामूली खांसी की मेडिकल पर्ची दिखाई। तब जाकर अफसरों ने माना गलती सिस्टम से हुई है।

स्वास्थ्य विभाग ऐसा ऐप तैयार करवा रहा है, जिसके माध्यम से कोई भी अपनी रिपोर्ट डाउनलोड कर सकता है। यह ऐप एक-दो दिनों में शुरू हो जाएगा। कुछ मरीजों द्वारा गलत नंबर दिए जाने से संपर्क करने में थोड़ी परेशानी हो रही है।
डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, रायपुर

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