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रायपुर में मेट्रो सिटी कल्चर: फॉर्म हाउस खरीदने में दिलचस्पी ले रहे लोग, पेंट हाउस और विला का भी क्रेज

Metro City Culture in Raipur: मेट्रो सिटी में लोगों का रहन-सहन, खान-पान का तौर-तरीका बाकी जगह के लोगों से काफी अलग होता हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी में भी अब मेट्रो सिटी कल्चर तेजी से पनपने लगा है। लोगों में बड़े और अच्छे मकान का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है।

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रायपुर में मेट्रो सिटी कल्चर: फॉर्म हाउस खरीदने में दिलचस्पी ले रहे लोग, पेंट हाउस और विला का भी क्रेज

Metro City Culture in Raipur: मेट्रो सिटी में लोगों का रहन-सहन, खान-पान का तौर-तरीका बाकी जगह के लोगों से काफी अलग होता हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी में भी अब मेट्रो सिटी कल्चर(Metro City Culture in Raipur) तेजी से पनपने लगा है। लोगों में बड़े और अच्छे मकान का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए लोग 50 लाख और इससे ऊपर के सौदे करने से भी नहीं चूक रहे हैं। इतना ही नहीं, शहर के आसपास लोग फॉर्म हाउस खरीदने में भी काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

पेंट हाउस के लिए टॉप का पूरा फ्लोर खरीद रहे लोग

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी रायपुर में इन दिनों लोग पेंट हाउस में भी काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके लिए लोग किसी अपार्टमेंट में टॉप का पूरा फ्लोर खरीदने से भी परहेज नहीं कर रहे। लोगों की पर्सनल लाइफ में आया यह बदलाव रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है। ऐसे में कुछ बड़े बिल्डर शहर में कई नए प्रोजेक्ट्स लाने की तैयारी में हैं।

मल्टीनेशनल कंपनियों के आने से बढ़ी उम्मीदें

राजधानी में अब कई नई मल्टीनेशनल कंपनियां भी पैर पसार रहीं हैं। ऐसे में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, पुने जैसे शहरों के लोग भी रायपुर आकर बसने लगे हैं। चूंकि मल्टीनेशनल कंपनियां अपने एंप्लाई को अच्छी तनख्वाह देती हैं। यह भी एक बड़ी वजह है कि शहर में बड़े बजट के मकान बिक रहे हैं।

कोरोनाकाल के चलते भी बदला तौर तरीका

कोरोनाकाल ने लोगों के जीने के तौर तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। संक्रमणकाल में लोगों ने विषम परिस्थितियों के मद्देनजर काफी बचत भी की। अब जब जीवन फिर से पटरी पर लौटने लगा है और लोगों के पास अच्छी खासी सेविंग हो गई है तो वे उस पैसे को महंगी प्रॉपर्टी में इनवेस्ट करना पसंद कर रहे हैं।

इसकी बड़ी वजह है रिसॉर्ट कल्चर। यानी शहर के आउटर में एक बड़ी सी जमीन खरीदिए। रेस्टॉरेंट के साथ ठहरने की व्यवस्था कर दीजिए। सामने हरा-भरा लॉन हो। बिजनेस पर्पस से यह काफी लाभ का सौदा साबित हो रहा है क्योंकि आजकल लोग ऐसी जगहों पर शादी करना अधिक पसंद कर रहे हैं। रहन-सहन में आए इस बदलाव के पीछे बड़ी वजह कोरोना है। दरअसल, संक्रमणकाल में लोगों ने मौत को करीब से देखा है। इसके बाद लोग लग्जीरियस लाइफ को प्राथमिकता देने लगे हैं।

यही वजह है कि इस साल 50 लाख और इससे ऊपर के सौदों में तेजी आई है। इनमें ड्यूप्लेक्स, फ्लैट और प्लॉट शामिल हैं। आवासीय सेक्टर में डेढ़ से 2 करोड़ रुपए के सौदे भी निपट रहे हैं। बिल्डरों की मानें तो लोग पहले 50 लाख रुपए की प्रॉपर्टी खरीदने में हिचकते थे क्योंकि रायपुर के रहन-सहन के हिसाब से यह बड़ा अमाउंट है, लेकिन कोरोनाकाल के बाद लोगों की लाइफ स्टाइल में काफी बदलाव देखा जा रहा है। लोग अब अपने बजट से भी थोड़ा आगे जा रहे हैं क्योंकि अब वे लाइफ स्टेटस से कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं करना चाहते। 50 लाख से ऊपर के सौदे बढ़ने की एक बड़ी वजह रह भी है कि बैंक अब बड़ी आसानी से लोगों को लोन उपलब्ध करवा रही है।

इन इलाकों में ज्यादा डिमांड

वैसे तो रायपुर शहर चौतरफा विस्तार कर रहा है और शहर के लगभग हर प्राइम लोकेशन में बिल्डरों के कई प्रोजेक्ट्स हैं। फिर भी डिमांड के हिसाब से बात करें तो कचना, लाभांडी, सड्डू, सेजबहार जैसे इलाकों का अच्छा अट्रैक्शन है।