
महिलाओं ने जवानों की वर्दी फाड़ी, दांत से काटा, फिर छुड़ाकर ले गए हिस्ट्रीशीटर को
रायपुर. राजधानी पुलिस दूसरे राज्य के बड़े-बड़े अपराधियों को पकड़कर जेल भेज देती है, लेकिन शहर के गुंडे-बदमाशों पर सख्ती नहीं कर पा रही (Chhattisgarh police) है। यही वजह है कि हिस्ट्रीशीटरों और उनके समर्थकों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि पुलिस से ही हाथापाई करने लगे हैं और उनकी गिरफ्त से अपराधी को बलपूर्वक छुड़ा (Raipur police) रहे हैं। ऐसा नजारा शनिवार को सड्डू के बीएसयूपी कॉलोनी में देखने को (Crime in raipur) मिला।
हिस्ट्रीशीटर यासीन अली को पंडरी और विधानसभा पुलिस ने घेराबंदी करके पकड़ लिया। फिर उसे गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाने लगे, तो मोहल्ले की महिलाओं ने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस जवानों की वर्दी फाड़ी, उन्हें दांत से काटा और हाथापाई भी की। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर यासीन को पुलिस गिरफ्त से छुड़ा लिया। फिर वह मौके से फरार हो गया। पुलिस कुछ नहीं कर पाई।
घटना की जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को दी गई। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल और महिला अधिकारियों को भेजा गया। सीएसपी सिविल लाइन आईपीएस त्रिलोक बंसल आदि मौके पर पहुंचे। पुलिस फोर्स पहुंचने के बाद पुलिस ने मोहल्ले की महिलाओं की जमकर पिटाई की। उन्हें घर से बाहर निकाला और गिरफ्तार कर लिया। सभी महिलाओं को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। 24 महिलाओं के खिलाफ पंडरी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि जेल से छूटने के बाद यासीन शहर भर में घूम-घूमकर अवैध गतिविधियां संचालित कर रहा था, लेकिन पुलिस को उसकी जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
यासीन सिविल लाइन थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसका भाई जम्मन अली हत्या की कोशिश के मामले में करीब दो माह पहले ही जेल गया है। उसका एक अन्य भाई असरफ भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहता है। चार माह पहले यासीन जेल से छूटा था। इसके बाद से वह आउटर के इलाके में नशा और तस्करी का धंधा कर रहा था। पुलिस के जमीनी स्तर के जवानों को उसकी एक-एक गतिविधियों की जानकारी थी। इसके बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं की जा रही थी। कुछ दिनों से सिविल लाइन के अपने पुराने इलाके में यासीन ने मादक पदार्थ बिक्री का धंधा शुरू कर दिया था। इसकी भनक भी पुलिस को लग गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। यासीन जेल से छूटने के बाद से सिविल लाइन, पंडरी और विधानसभा इलाके में लगातार सक्रिय रहा था। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उसका हौसला बढ़ गया था। करीब तीन साल पहले यासीन पंडरी में हुई हत्या में भी शामिल था, लेकिन उसके खिलाफ पुलिस सबूत ढूंढ नहीं पाई थी।
पुलिस गिरफ्त से फरार हुए हिस्ट्रीशीटर को पुलिस अब तक पकड़ नहीं पाई है। पुलिस पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार महिलाओं में नाजिरा बेगम, परी बेगम, सालमा बानो, पाकिजा बानो, शबाना बानो, फैजा बानो, परवाना बानो, शमीम बानो, मेहर बानो, मम्मी, नाजिया बानो, गुलनार बानो, जाहिरा बानो, गुलाब शाह बानो, फातिमा बेगम, फरीदा बानो, सायरा बानो, कनिज जायरा, अफसाना बानो, सुगरा बानो, फातिमा बानो, सायरा बानो, स्वेहरा बेगम, गुड्डी सेन शामिल हैं।
Published on:
31 Aug 2019 10:04 pm

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