23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बड़ी खबर: त्योहारी सीजन से पहले शुरू हो गई नोटों की किल्लत, ATM ने भी दिया धोखा

बड़ी खबर: त्योहारी सीजन से पहले शुरू हो गई नोटों की किल्लत, ATM ने भी दिया धोखा
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Chandu Nirmalkar

•

Updated: 29 Sep 2018, 9:48 PM IST

Chhattisgarh news

बड़ी खबर: त्योहारी सीजन से पहले शुरू हो गई नोटों की किल्लत, ATM ने भी दिया धोखा

अजय रघुवंशी@रायपुर. त्योहारी सीजन के पहले बैंक और बाजार में बड़े नोटों की किल्लत आ चुकी है। राजधानी में बीते एक महीने से 2000 रुपए के नोट न तो एटीएम से मिल रहा है और न ही बैंक से। बाजार में भी 2000 रुपए के नोट को लेकर समस्याएं देखने को मिल रही है। बैंक प्रबंधन के अधिकारियों भले यह कहते नजर आए कि बाजार में ऐसी कोई समस्या नहीं है, लेकिन हकीकत यह है कि बाजार में नोटों का संकट खड़ा हो चुका है।

चिल्हर को लेकर अब दुकानों में बहस होने लगी है। 2000 रुपए के नोट के लिए चिल्हर और थोक कारोबारियों ने समस्या जताई है। बैंक सूत्रों का कहना है कि शहर में 2000 रुपए के नोट की जमाखोरी की आशंका है। गणेश चतुर्थी के बाद अब बाजार में नवरात्रि, दशहरा, दिवाली को लेकर कारोबारियों ने तैयारियां शुरू कर दी है।

अगले महीने नई करेंसी का आर्डर
बैंक प्रबंधन के मुताबिक त्योहारी सीजन में स्थिति सामान्य रहेगी। प्रबंधन ने बैंकों के मुख्य कार्यालय को करेंसी की डिमांड भेज दी है। यह करेंसी संभवत: अक्टूबर महीने के प्रथम सप्ताह तक करेंसी चेस्ट में पहुंच जाएगी। बैकिंग सूत्रों के मुताबिक नवरात्रि से लेकर दिवाली तक 2500 करोड़ रुपए तक की करेंसी पहुंचेगी।

एटीएम में 200 रुपए के नोट के लिए जगह नहीं

200 रुपए के नए नोट की लांचिंग के बाद अब तक यह नोट सिर्फ बैंकों के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि एटीएम में अभी तक इन नोटों को रखने के लिए कैसेट्स की सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से नए नोट एटीएम से नहीं निकल रहा है।

10 रुपए है, 20 रुपए की कमी
बैंकों में चिल्हर के नाम पर 10 रुपए के नोट खपाए जा रहे हैं, जबकि 20 रुपए और 50 रुपए के नोट अभी भी गायब है। 50 रुपए के नए नोट भी अब बाजार में कम दिखाई दे रहे हैं।

चुनाव के दो महीने पहले हालत खराब

राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक है। इसके मद्देनजर भी जमाखोरी को लेकर आशंका जाहिर करना गलत नहीं होगा। छोटे और बड़े नोटों की किल्लत को लेकर बैंक प्रबंधन ने जहां स्थिति को सामान्य बताया है, वहीं हालात इसके ठीक उलट है।