कोरोना को हराने सोशल मीडिया पर 'डॉक्टर कहते हैंÓ मुहिम शुरू

फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर लोगों में जागरूकता लाने दे रहे जानकारी; एम्स के डायरेक्टर, सीएमएचओ समेत आईएमए के पदाधिकारी व अन्य डॉक्टर शामिल

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 21 Sep 2020, 07:08 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना वायरस के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आम लोगों को जागरुक बनाने का काम भी बड़े स्तर पर जारी है। आम जनता को समझाया जा रहा है कि कुछ सामान्य बातों की सावधानी बरती जाए तो कोरोना वायरस का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है।

कोरोना वायरस को हराने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए इन दिनों सोशल मीडिया पर 'डॉक्टर कहते हैंÓ मुहिम चल रही है। इसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. नितिन एम नागरकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मीरा बघेल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के जिला अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता समेत आईएमए के कई अन्य पदाधिकारी व सदस्य डॉक्टर जुड़े हुए हैं। सोशल मीडिया फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर डॉक्टर लोगों को कोरोना वायरस से बचने सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि जब तक कोरोना की कोई दवा या वैक्सिन नही आई है, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके ही कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। यदि किसी में सर्दी-खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ आदि लक्षण दिखते है तो उसे छिपाने की बजाए टेस्ट कराना चाहिए। राजधानी में सैंपल टेस्ट के लिए 10 से ज्यादा सेंटर बनाए गए हैं। कोरोना मरीज की जितनी जल्दी पहचान होगी, उसका इलाज उतनी ही जल्दी शुरू होगा।

डॉक्टर कहते हैं...

रायपुर सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया कि सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ, सिर व बदन में दर्द, स्वाद या खुशबू नही आ रहा है तो कोरोना की जांच जरूर कराएं। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, शुगर या किडनी व लीवर बीमारी व अन्य बीमारी से पीडि़त व्यक्ति भी जांच कराएं। गर्भवती महिलाएं भी जांच कराएं क्योकि इनमें कोरोना होने के चांस अधिक होता है। यदि इनमें इंफेक्शन हो गया तो तेजी से फैलता है।

एम्स रायपुर निदेशक डॉ. नितिन एम नागरकर ने बताया कि हमारा देश, प्रदेश और शहर कोरोना बीमारी के दुष्परिणाम से जुझ रहा है। कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का अमला विगत ६-७ माह से २४ घंटे काम कर रहा है। आने वाले कुछ माह तक अभी यह बीमारी रहेगी।

रायपुर हॉस्पिटल बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि हर गले का दर्द या परेशानी का मतलब कोरोना का होना नही है। अपने चिकित्सक से परामर्श लें, उसके अनुसार ही जांच कराएं। यदि कोरोना पॉजिटिव भी आते हैं तो डरने की जरूरत नही है। अस्पतालों में इसका इलाज हो रहा है।

रायपुर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने बताया कि कोरोना होने पर पैनिक होने की जरूरत नही है। बिना किसी क्वालिफाइड डॉक्टर के सलाह के बिना किसी प्रकार का टेस्ट न कराएं। मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही करने की वजह से संक्रमण फैल रहा है।

Corona virus
Nikesh Kumar Dewangan Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned