कलेक्टर बोले - परिजन नहीं मिले तो जिला प्रशासन करवाएगा कोरोना मृतकों का दाह संस्कार

डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल (Ambedkar Hospital) की मर्चुरी में कोरोना वायरस (Coronavirus) से मरने वाले 8 व्यक्तियों के शव सड़-गल रहे हैं, क्योंकि अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद, जब इलाज के दौरान मौत हो गई तो परिजन शव लेने ही नहीं आए।

By: Ashish Gupta

Published: 19 Sep 2020, 12:17 PM IST

रायपुर. डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल (Ambedkar Hospital) की मर्चुरी में कोरोना वायरस (Coronavirus) से मरने वाले 8 व्यक्तियों के शव सड़-गल रहे हैं, क्योंकि अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद, जब इलाज के दौरान मौत हो गई तो परिजन शव लेने ही नहीं आए।

जिला प्रशासन से परिजनों ने दाह संस्कार (Cremation) की प्रक्रिया के लिए कोई संपर्क ही नहीं किया। इसे बीमारी का खौफ कहें या फिर आर्थिक तंगी की मार, शव लावारिश पड़े हैं। 'पत्रिका' ने मुद्दा उठाया तो कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने इस पर संज्ञान लिया। बोले- परिजन नहीं आते हैं तो प्रशासन संस्थाओं की मदद से दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी करेगा।

उधर, माच्र्युरी में पदस्थ फॉरेसिंक मेडिसीन विभाग के डॉक्टर और स्टाफ का कहना है कि परिस्थितियां सामान्य नहीं है। कोरोना से मरने वालों के शवों 24 घंटे के अंदर-अंदर दाह संस्कार कर देना ही उचित है, नहीं तो यह समस्या बनी रहेगी। हम बीमार पड़ रहे हैं।

पेड़ के नीचे बैठकर डॉक्टर तैयार कर रहे पीएम रिपोर्ट
शवों के सड़ने से हानिकारक मिथेन गैस निकलनी शुरू हो चुकी है। सामान्य मर्चुरी के बाजू में ही कोविड मर्चुरी बनाई गई है। जिसके चलते मर्चुरी के डॉक्टर और अन्य स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ये सभी बदबू से परेशान हैं। 10 मिनट तक ये पोस्टमार्टम रूम में नहीं रूक पा रहे। डॉक्टर मर्चुरी के अंदर बैठकर ही पीएम रिपोर्ट तैयार करते आ रहे थे, मगर अब इन्हें मर्चुरी के बाहर बैठकर रिपोर्ट तैयार करनी पड़ रही है।

डीन ने ली फॉरेंसिंक मेडिसीन विभाग से ली जानकारी
'पत्रिका' में खबर प्रकाशित होने के बाद डीन डॉ. विष्णु दत्त ने फॉरेसिंक मेडिसीन विभाग के डॉक्टरों से कोरोना से मरने वाले व्यक्तियों के शवों के संबंध में जानकारी दी। उन्हें इससे संबंधित संपूर्ण जानकारी दी गई। डॉ. दत्त का कहना है कि वे इस संबंध में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से बात करेंगे। पत्र लिखेंगे, ताकि शवों का दाह संस्कार हो सके।

रायपुर कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा, कुछ शव दूसरे प्रदेश के हो सकते हैं, कुछ अन्य जिलों के। मर्चुरी में जितने भी शव हैं, अगर उनके परिजन मिले तो ठीक नहीं तो संस्थाओं के माध्यम से दाह संस्कार करवाया जाएगा। जल्द प्रक्रिया पूरी होगी।

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Ashish Gupta Desk
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