
उत्सव मेला में खुलेआम नाबालिग बच्चों से करा रहे काम, प्रशासन के नियमों की उड़ रही धज्जियां
कवर्धा . नगर में लोगों के मनोरंजर के लिए उत्सव मेला (मीना बाजार) लगा हुआ है। लेकिन यहां के प्रशासन के सामने ही नियमों का उल्लघंन हो रहा है। इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
नगर के लोहारा रोड़ स्थिति मैदान में उत्सव मेला लगा हुआ है। मेला में जमकर नियमों की धज्जियां उठाई जा रही है। मेला घुमने रोज प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी जाते हैं, लेकिन किसी को भी यहां काम करने वाले नाबालिग बच्चों पर ध्यान नहीं जाता है। थोड़े से पैसे की लालच देकर मेला संचालक व मैनेजर नाबालिग बच्चों से काम करा रहे हैं। कुछ गेम व खाने पीने के मानों यहां तक की झुला झुलाने तक के लिए छोटे बच्चों को काम पर रखा गया है। इन सब को जिम्मेदार अधिकारी भी देख रहे हैं, लेकिन संचालक को मना करने कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मेला संचालक बाहर से अपने कर्मचारी लाएं हुएं हैं, लेकिन नगर के कुछ लोगों को मेला में काम करने बुलाया गया है। जिन्हे कम पैसा देकर अपना काम निकाल रहे हैं। यहां पर महिलाओं व बच्चों को काम पर अधिक रखा गया है। ताकि उनसे कम पैसे में ही काम करा सकते हैं।
उत्सव मेला के प्रारंभ में बाल सरंक्षण के अधिकारी व महिला सेल के अधिकारी मेला स्थल जाकर संचालक को समझाईउस दिया गया था कि वे नाबालिग व बच्चों से काम न ले। लेकिन संचालक द्वारा मनमानी करते हुए बच्चों से ही काम लिया जा रहा है। वहीं बाल संरक्षण से मेला स्थल पर चाईल्ड लाईन टोल फ्री नंबर, महिला हेल्प लाईन नंबर व अन्य फोन नंबर चस्पा करने कहा गया था, लेकिन संचालक द्वारा यह नंबर भी नहीं चस्पा किया है ऐसे में इन पर कार्रवाई होना जरुरी है।
कलक्टर के निर्देश पर जिले सहित शहर में अधिक आवाज वाले डीजे, लाऊड स्पीक, धुमाल व माइक पर प्रतिबंध लगाया दिया गया है। इसके बाद भी सामाजिक कार्यक्रम, शादी समारोह में परमिशन के आधार पर ध्वनि यंत्र का उपयोग किया गया। लेकिन लोहारा रोड़ में लगे उत्सव मेला में देर रात तक मौत का कुआं सहित विभिन्न आयोजन के सांऊड से शहर शोरगुल हो रहा है। स्कूलों में अब तक आठवीं व लोकल कक्षाओं की परीक्षा चल रही हैं। ऐसे में ध्वनि का मनमानी तरिके से उपयोग करने से लोग व बच्चे काफी परेशान हो रहे हैं। उत्सव मेला के कारण बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है, लेकिन इस ओर जिम्मेदार अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
कवर्धा के एसडीएम चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि उत्सव मेला में यदि देर रात तक शोरगुल व ध्वनि विस्तार यंत्र का उपयोग किया जा रहा है तो उन पर कार्रवाई किया जाएगा। मैं तुरंत पता कर ध्वनि विस्तार यंत्र बंद कराता हू। मेला संचालन के लिए परमिशन दिया गया है।
कबीरधाम के बाल संरक्षण अधिकारी सत्यनारायण राठौर ने कहा कि मेला में नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर 10 दिन पहले मेला संचालक को समझाईश दिया जा चुका है। यदि अब भी बच्चों से काम कराया जा रहा है तो संचालक पर कार्रवाई किया जाएगा।
Published on:
10 Apr 2018 11:15 am
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