सोना-चांदी में मंदी बेअसर, नवरात्रि में ग्राहकों से बाजार गुलजार

सोना-चांदी चार महीने से 50 हजार रुपए के पार, फिर भी शोरूम ग्राहकों से आबाद

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 22 Oct 2020, 07:11 PM IST

रायपुर. कोविड-19 के दौर में भी सराफा में मंदी का असर नहीं हुआ, बल्कि पिछले साल से ज्यादा रिटर्न का रिकार्ड बन गया। सोने-चांदी की कीमतें बीते चार महीने से 50 हजार के पार बनी हुई है।

बीते वर्ष त्योहारी सीजन में सोने की कीमतें 35 से 38 हजार के आस-पास बनी हुई थी, लेकिन इस साल सोना प्रति 10 ग्राम की कीमतें 53200 रुपए पर आ चुकी है। त्यौहारी सीजन में सोने-चांदी की कीमतें हॉफ सेंचुरी से नीचे नहीं आई है। मार्च के बाद से बहुमूल्य धातुओं में तेजी का रूख नवरात्रि में भी बना हुआ है। कीमतों में इजाफे के बाद ग्राहकों ने दूरी नहीं बनाई बल्कि खरीदारी और तेज हो गई। त्यौहारी सीजन में शो-रूम ग्राहकों से आबाद है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक कीमतों में इजाफे के बाद बहुमूल्य धातुओं के प्रति ग्राहकों का आकर्षण बढ़ा है। यह कारण है कि सोने की कीमतें पिछले 6 महीनों में 50 हजार से नीचे नहीं आ पाई है। इसी तरह चांदी में भी तेजी का आलम है कि चांदी प्रति किलो 65300 रुपए पर कायम है।

एडवांस बुकिंग और अन्य ऑफर

सदर बाजार के साथ ही जीई रोड व अन्य शो-रूम में ऑफरों के जरिए ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। सोने की बढ़ी हुई कीमतों के बाद 50 फीसदी कैश के जरिए एडवांस बुकिंग भी जारी है, जिसमें कीमत बढऩे पर एडवांस बुकिंग वाली पुरानी कीमत पर ग्राहक शो-रूम से गहने ले सकेंगे।

लोन में 90 फीसदी तक कैश

आरबीआई के दिशा-निर्देशों के बाद सोने की कीमतों के मुताबिक 90 फीसदी तक गोल्ड लोन लिया जा सकेगा। पहले यह सीमा 75 फीसदी के करीब तय की गई थी। मतलब सोने की कीमतें बढऩे के साथ ही गोल्ड लोन में ग्राहकों को 15 फीसदी का ज्यादा रिटर्न हासिल होगा। आरबीआई द्वारा बैंकों को दी गई यह छूट &1 मार्च 2021 तक उपलब्ध होगी। आरबीआई की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 01 अप्रैल 2021 से गोल्ड Óवैलरी पर दिए जाने वाले नए ऋण की सीमा पुन: उसके मूल्य के 75 फीसदी के बराबर रह जाएगी।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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