गंगरेल बांध के खजाने से बहा दिया गया आधा पानी

गंगरेल बांध के खजाने से बहा दिया गया आधा पानी

Chandu Nirmalkar | Publish: Oct, 13 2018 06:33:26 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 06:33:27 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

इस साल मानसून की मेहरबानी से गंगरेल समेत सभी बांधों में भरपूर पानी की आवक हुई। 32.150 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल बांध में एक महीना पहले 31 टीएमसी पानी था, लेकिन आज यहां महज 15 टीएमसी पानी बचा है। बांध से करीब 47 टीएमसी पानी महानदी और नहरों में बहा दिया गया है।

रायपुर/धमतरी. इस साल मानसून की मेहरबानी से गंगरेल समेत सभी बांधों में भरपूर पानी की आवक हुई।32.150 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल बांध में एक महीना पहले 31 टीएमसी पानी था, लेकिन आज यहां महज 15 टीएमसी पानी बचा है। बांध से करीब 47 टीएमसी पानी महानदी और नहरों में बहा दिया गया है। अब भी यहां से 7 हजार क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए छोड़ा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस साल बरसात के सीजन में झमाझम बारिश हुई। धमतरी जिले के अलावा कांकेर और कोंडागांव तक अच्छी बारिश हुई, जिसके चलते कैचमेंट एरिया का पानी अंचल के चारों बांधों में संग्रहित हुआ। यही कारण है कि जिले के चारों बांध लबालब हो गए थे। गंगरेल बांध तो छलकने लगा था। बांध सूत्रों के मुताबिक बारिश के सीजन में गंगरेल बांध में इस साल करीब 60 टीएमसी से ज्यादा पानी की आवक हुई, जिसमे से 47 टीएमसी से ज्यादा पानी महानदी में बहा दिया गया। 32 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में आज की स्थिति में क्षमता से आधा पानी अर्थात 15 टीएमसी (50 फीसदी) उपयोगी पानी ही शेष बचा है। जिले में इस साल खरीफ सीजन में करीब 1 लाख 38 हजार 5 सौ हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई है। इसके अलावा करीब 10 हजार हेक्टेयर में मक्का व अन्य फसलें लगी है। बांध में इस साल लबालब पानी भरे होने के कारण लगातार सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। 10 अक्टूबर की स्थिति में खरीफ सिंचाई के लिए महानदी मुख्य केनाल में करीब 22.379 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है। निस्तारी व अन्य जरूरतों के लिए 20 टीएमसी पानी दिया गया, इस तरह गंगरेल से 42.617 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है।

अन्य बांधों की स्थिति
इसके अलावा अंचल के अन्य बांधों में भी पानी छोड़े जाने के कारण लगातार इसमें कमी आ रही है। बांध सूत्रों के मुताबिक पानी के मामले में मुरूमसिल्ली बांध में ही 97 फीसदी पानी है। 5.839 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में 5.578 टीएमसी पानी है। 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 8.794 टीएमसी पानी है। इसी 6.995 टीएमसी क्षमता वाले सोंढूर बांध में 5.646 टीएमसी उपयोगी पानी है।

रबी में भी देंगे सिंचाई पानी
उल्लेखनीय है कि किसानों की मांग पर इस साल राज्य सरकार ने रबी सीजन में भी पानी देने की घोषणा की है। रबी सीजन में खरीफ की तरह ही करीब 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर में फसल ली जाएगी। मद़देनजर बांध की सेहत को देखते हुए अब यहां मुरूमसिल्ली तथा दुधावा बांध का पानी यहां लाया जाएगा।

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