बाथरूम से नहीं मिला कोई सुराग, इकलौते बेटे का शव गांव भी नहीं ले जा पाए पिता

- एम्स की तीसरी मंजिल से कूदकर कोरोना मरीज की खुदकुशी का मामला .

 

By: Bhupesh Tripathi

Published: 28 Nov 2020, 06:58 PM IST

रायपुर. राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कोविड वार्ड की तीसरी मंजिल से कूदकर कोरोना संक्रमित जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत चिस्दा निवासी मुरलीधर साहू (49) के गुरुवार को जान देने के मामले में पुलिस को बाथरूम से ऐसा कोई सुराग नही मिला है, जिससे खुदकुशी के कारणों का पता चल पाए। परिजन भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि मुरलीधर अब इस दुनिया में नहीं हैं।

एम्स में पोस्टमॉर्टम के बाद मुरलीधर के पिता राम स्वरूप साहू बेसुध होकर इकलौते बेटे का शव एकटक देखते रहे। जांजगीर-चांपा के कलेक्टर की मंजूरी लेकर मुरलीधर का अंतिम संस्कार राजधानी के हीरापुर स्थित श्मशानघाट में ही किया गया। शुक्रवार की दोपहर करीब १ बजे परिजनों की मौजूदगी में पुलिस और एम्स प्रबंधन ने अंदर से बंद बाथरूम के दरवाजे को तोड़कर खोला। अंदर कोई सुसाइट नोट या अन्य सामान नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक, बाथरूम के खिड़की पर लगी जाली को किसी चीज से फंसाया गया था, जिसे निकालकर मुरलीधर ने छलांग लगाई थी। मुरलीधर के पिता और चाचा सुबह ही एम्स पहुंच गए थे। पुलिस ने परिजनों से भी बातचीत की लेकिन खुदकुशी के कारणों का पता नही चल पाया।

घर लाने की चल रही थी तैयारी

परिजनों ने 'पत्रिका" से बातचीत में बताया कि धीरे-धीरे स्वस्थ होने पर मुरलीधर काफी प्रसन्न थे। वह रोजाना अपने पिता व अन्य सदस्यों से फोन पर बातचीत करते थे। 2 दिनों में डिस्चार्ज होकर घर आने का सभी इंतजार कर रहे थे। उन्हें घर लाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन अचानक खुदकुशी की सूचना मिली। मुरलीधर को किस बात की चिंता थी और उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, समझ नहीं आ रहा है। परिवार संपन्न हैं। वह खुद शिक्षक थे, इसलिए कोई आर्थिक परेशानी भी नही थी।

परिजनों और डॉक्टरों की मौजूदगी में बाथरूम का दरवाजा खोला गया, लेकिन कोई ऐसा सामान नही मिला, जिससे खुदकुशी के कारणों का पता चल पाए। परिजनों से भी बातचीत की गई, लेकिन वह भी कुछ नहीं बता सके।

भरत बरेट, थाना प्रभारी, आमानाका

एम्स से स्वास्थ्य विभाग ने मांगी जानकारी

कोरोना मरीज के जान देने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने एम्स प्रबंधन ने जानकारी मांगी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पांडेय का कहना है कि एम्स राज्य में संचालित स्वास्थ्य संस्थान है। यदि वहां कोई घटना घट रही है तो उसकी जानकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग को होना जरूरी है और इस तरह की घटनाएं एम्स में ही घटित हुई हैं, इसलिए यह गंभीर मामला है। डॉ. पांडेय ने कहा कि फिलहाल कोई जांच टीम एम्स नहीं भेजी जा रही है, बस जानकारी मांगी गई है।

Bhupesh Tripathi
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