
राजधानी अस्पताल में रसूखदारों का लगा पैसा, इसलिए जांच में हो रही अनदेखी
रायपुर . राजधानी अस्पताल में आगजनी से 6 लोगों की मौत की जांच सातवें दिन बाद भी शुरू नहीं हो पाई है। पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपियों का अब तक खुलासा नहीं हुआ है।
दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम बनाई है, लेकिन जांच टीम ने अब तक अपना काम शुरू नहीं किया है। इसके पीछे शहर के एक रसूखदार का हाथ बताया जा रहा है। चर्चा है कि रसूखदार एक राजनीतिक दल से संबंध रखता है। और इसी के चलते पुलिस की जांच और स्वास्थ्य विभाग की जांच आगे नहीं बढ़ रही है। जांच में अडग़ेंबाजी की भी चर्चा है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी अस्पताल में शनिवार को आग लग गई थी। इससे यहां भर्ती 6 कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। मामले में अस्पताल के संचालकों की इरादतन लापरवाही सामने आई है। इसके बावजूद उनके खिलाफ मामूली धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इससे मृतकों के परिजनों और पीडि़तों में रोष व्याप्त है।
अस्पताल सील, नहीं पहुंची जांच टीम
अस्पताल में आगजनी की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनाई गई टीम शुक्रवार को घटना स्थल जाने वाली थी, लेकिन नहीं पहुंची। इसी तरह नगर निगम, बिजली विभाग व अन्य विभागों की टीम भी नहीं पहुंची। टिकरापारा पुलिस का दावा है कि कोरोना अस्पताल होने के कारण टीमें जांच के लिए नहीं आ रही हैं। मजे की बात है कि टिकरापारा पुलिस आगजनी के दोषियों का नाम अब तक एफआईआर में दर्ज नहीं कर पाई है।
सभी अस्पतालों की होगी जांच
राजधानी अस्पताल की घटना के बाद जिला प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में टीम गठित की है। यह टीम नगर निगम के सभी जोनों में स्थित अस्पतालों के फायर फाइटिँग की जांच करेगा। इसमें संबंधित थाने के टीआई भी शामिल हैं। थाना प्रभारियों ने अपने-अपने इलाके के अस्पतालों को नोटिस देकर फायर फाइटिंग सिस्टम से संबंधित जानकारी लेना शुरू कर दिया है।
Published on:
25 Apr 2021 06:10 pm
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