राम वनगमन मार्ग के पहले 9 स्थलों पर नहीं होगा कोई भी नया निर्माण, इन्हें सहेजा और विकसित किया जाएगा

- किसी भी प्राचीन व ऐतिहासिक धरोहर के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं होगी .

By: Bhupesh Tripathi

Published: 20 Aug 2020, 11:28 PM IST

रायपुर. राम वनगमन पर्यटन परिपथ विकास के प्रथम चरण में चयनित 9 स्थलों का चयन किया गया है। पर्यटन मंडल ने यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि इन स्थलों पर कोई भी नया मंदिर निर्माण नहीं किया जा रहा है। इन स्थलों पर वर्तमान में मौजूद धार्मिक स्थलों, मंदिरों एवं अन्य धार्मिक संरचनाओं को यथावत् रखते हुए परिसर एवं आस-पास के स्थान में पर्यटक सुविधाओं के विकास का कार्य किया जाएगा। मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होगी, क्योंकि यही तो इन स्थलों की खूबी है। बस इन्हें विकसित कर पर्यटकों को इन क्षेत्रों में आकर्षित किया जा सकेगा। गौरतलब है कि सरकार का मुख्य उ²ेश्य छत्तीसगढ़ आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों एवं आगन्तुकों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पर्यटक स्थानीय मान्यताओं, लोक-कला संस्कृति से परिचित हो सकेंगे इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकेंगे। पर्यटन मंडल के अधिकारियों ने बताया कि रामाराम जिला सुकमा में पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटरिया, गार्डन, पेयजल, दुकानें, यात्री शेल्टर, ट्रेकिंग रूट, पार्किंग आदि अधोसंरचना का विकास प्रस्तावित है।

ये हैं ९ स्थल- सीतामढ़ी-हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं।

Bhupesh Tripathi
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