नवा रायपुर में सिर्फ घर, कोई रोजगार नहीं, वे लोग नौकरी करने रायपुर आ रहे

2011 में जो आबादी एक लाख होनी थी वो 19 साल में सिर्फ 50 हजार हो पाई, सुविधाएं मिले तो 25 किलोमीटर का फासला तय करने की जरूरत नहीं

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 05 Dec 2020, 07:19 PM IST

रायपुर. नवा रायपुर में कुल 40 सेक्टर हैं, जिसमें 21 सेक्टर सिर्फ आवासीय प्रायोजनों के लिए चिन्हित हैं। इनमें से सेक्टर-27, सेक्टर-29 और सेक्टर- 17 में ही थोड़ी-बहुत बसाहट आई है, बाकी सेक्टर में निवेशक ज्यादा और बसने वाले कम हैं।
नवा रायपुर में स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, रोजगार आदि की पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने की वजह से अभी भी वहां रहने वाले वालों को रायपुर आना पड़ता है। रहवासियों का कहना है कि नवा रायपुर में यदि यह सुविधाएं मिल जाए तो उन्हें 25 किमी. का फासला तय करने की जरूरत नहीं है। लेकिन हालात यह है कि छोटे-छोटे कामों के लिए रहवासियों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। नवा रायपुर में वर्ष 2011 तक 1 लाख की आबादी बस जानी थी, लेकिन अभी सिर्फ 50 हजार की आबादी रह रही है, जबकि वर्ष 2031 यह देश के इस इंटीग्रेटेड सिटी में 6 लाख तक की आबादी बसाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। नवा रायपुर का मास्टर प्लान 10 साल पीछे चल रहा है।

निवेशकों में सरकारी अधिकारी भी शामिल

नवा रायपुर में जमीन लेने वाले निवेशकों में बड़े सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। ये अधिकारी इन जमीनों पर मकान बनाने के बजाय रायपुर व अन्य स्थानों से आना-जाना कर रहे हैं। नवा रायपुर के सेक्टर-17 में पहले से ही अधिकारियों के लिए आवास निर्मित हैं। यहां कुछ अधिकारी निवास भी कर रहे हैं। इसे अलावा सेक्टर-27 और सेक्टर-29 में भी सैंकड़ों मकान खाली पड़े हुए हैं।

20 हजार करोड़ का निवेश नहीं हुआ पूरा

वर्ष 2012 में नवा रायपुर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में देश के औद्योगिक घरानों ने 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश के लिए राज्य सरकार के साथ एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) किया था, लेकिन औद्योगिक घरानों ने बाद में यह करार रद्द कर दिया। दरअसल कार्पोरेट घरानों ने यहां बसाहट,सुविधाओं की कमी के बाद हाथ पीछे खींच लिया।

कंपनियों से बातचीत जारी

एनआरडीए के अधिकारियों के मुताबिक नवा रायपुर में निवेश के लिए कार्पोरेट घरानों, होटल, फैशन, आईटी, एंटरटेनमेंट,एजुकेशन, हॉस्पिटल और औद्योगिक घरानों से बातचीत चल रही है। कई मामलों पर निर्णय अंतिम चरणों में हैंं। एनआरडीए द्वारा स्वास्थ्य, एजुकेशन, व्यवसायिक और औद्योगिक भूखंडों में छूट के बाद पूछताछ आ रही है।

नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ अय्याज तांबोली ने बताया कि नवा रायपुर में विभिन्न निर्माण कार्य तेजी से जारी है। बसाहट के लिए प्रयास जारी है। औद्योगिक भूखंडों की कीमतों में 50 फीसदी छूट के बाद प्रदूषण रहित उद्योग लगने से रोजगार भी आएगा।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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