यहां हुआ करोड़ों का घोटाला, हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने लिया एक्शन

धान खरीदी में लगी 31 प्राथमिक सहकारी समितियों की जांच की जा रही है, जिनमें से 7 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

By: Anupam Rajvaidya

Published: 23 Mar 2018, 08:30 AM IST

आवेश तिवारी / रायपुर . छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी में लगी सहकारी समितियों द्वारा किए गए करोड़ों के घोटाले में सीबीआई ने पिछले शनिवार को बिलासपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर सीताराम साहू समेत 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई यह जांच बिलासपुर हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश पर कर रही थी। घोटाला कितना बड़ा है इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि सीबीआई द्वारा अलग-अलग 31 प्राथमिक सहकारी समितियों (पीएसीएस और लैम्प्स) की जांच की जा रही हैं, जिनमें से अभी 7 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं। एफआईआर से पता चलता है कि धान की खरीदी में मुख्य भूमिका निभाने वाली प्राथमिक समितियों ने किसानों और आदिम जातियों द्वारा जमा की गई करोड़ों की रकम को बेहद चतुराई से गबन कर लिया और बैंकों को इसकी जानकारी बाद में लगी। सीबीआई द्वारा कृषक सेवा सहकारी समिति और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति की जांच पिछले वर्ष शुरू की गई थी।

सेमरतल पीएसीएस में 1.80 करोड़ का गबन
सीबीआई ने प्राइमरी एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव सोसायटी (पीएसीए) सेमरतल (बिलासपुर) के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में कहा है कि सोसायटी मैनेजर बलदेवप्रसाद धीवर और उनके सहयोगियों ने अप्रैल 2012 से दिसंबर 2015 के बीच 1 करोड़ 89 लाख 80 हजार का गबन कर लिया गया। इसी तरह पीएसीएस धूमा के खाते में 13 लाख 3547 की जगह केवल 1260 रुपए मिले। वहीं मुंगेली के पीएसीएस में लगभग 77 लाख का घोटाला करने वाले सोसायटी मैनेजर मोहनलाल पटेल की जांच शुरू होने से पहले ही मृत्यु हो गई।

ऐसे किया गया गबन
लालपुर की लार्ज एरिया मल्टीपरपरज सोसायटी (लैम्प्स) पेंड्रारोड बिलासपुर की सोसायटी का क्रेडिट बैलेंस 9221614 लाख रुपए था, लेकिन जब जांच की तो सोसायटी के पास से केवल 279३.406 लाख रुपए ही मिले, जिसमें से 20 लाख रुपए का फिक्स डिपोजिट कर दिए गए। बाकी पैसे केंद्रीय जिला सहकारी बैंक में जमा थे। इस तरह से लैम्प्स पेंड्रा भी जमाकर्ताओं के 64 लाख से ज्यादा की रकम चुकता करने में नाकाम रही। पाया गया कि सोसायटी और बैंक के कर्मचारियों ने 725३178.52 लाख रुपए का फंड डायवर्ट कर लिया, वहीं समिति के लोगों ने 26 लाख का गबन कर लिया।

लैम्प्स पेंड्रा में किए गए गबन का विवरण
संस्था प्रबंधक राजकुमार नीलकंठ और लिपिक भगवन सिंह राठौर (संयुक्त तौर पर गबन राशि) - 14३52३0 लाख
लिपिक ऋषि कुमार दुबे- 228615
भगवान सिंह राठौर - 94698
विक्रेता निरंजन सिंह - 12528
राजुमार नीलकंठ -907686

ये हैं घेरे में
सीबीआई द्वारा सात समितियों के प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। ये मुंगेली, जांजगीर चाम्पा, कोरबा और बिलासपुर में काम ? कर रही थी। इन समितियों के नाम हैं-
लैम्प्स लालपुर, बिलासपुर
पीएसीएस धूमा, बिलासपुर
पीएसीएस खोदरी, बिलासपुर
पीएसीएस सरहार, जांजगीर चाम्पा
पीएसीएस डूमरपारा, जांजगीर चाम्पा
पीएसीएस धरदेई, मुंगेली
पीएसीएस सेमरतल, बिलासपुर

कार्रवाई की जाएगी
सहकारी समितियां विभाग के संयुक्त पंजीयक कांतिलाल ढारगावे का कहना है कि जिन समितियों के प्रबंधन के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उनके खिलाफ विभागीय स्तर की कार्रवाई भी की जाएगी।

 

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